RTO दहिसर के इंस्पेक्टर भूषण राउत ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में बताया, "सरकार ने मई में मराठी भाषा की क्लास के बारे में एक आदेश जारी किया था. पूरे महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवर हैं और हमने उन लोगों के लिए फ्री क्लास शुरू कीं जिन्हें मराठी नहीं आती. सरकार ने मराठी सिखाने के लिए अलग-अलग इलाकों में सेंटर बनाए हैं. अब उन ड्राइवरों को नोटिस भेजने के लिए एक मुहिम शुरू की गई है जिन्हें अभी भी मराठी नहीं आती."
तीन महीने के बाद भी अगर मराठी नहीं जाना तो बैज होगा कैंसिल
RTO ने बताया, ड्राइवरों को एक महीने के अंदर मराठी सीखनी होगी. उन्हें सरकार द्वारा बनाए गए सेंटरों पर इसे सीखना होगा. उन्हें एक महीने बाद वापस रिपोर्ट करना होगा; अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनका बैज सस्पेंड कर दिया जाएगा, और अगर वे तीन महीने बाद भी नहीं आते हैं, तो उनका बैज कैंसिल कर दिया जाएगा. इसका मकसद महाराष्ट्र मोटर व्हीकल रूल्स को लागू करना है, जिसके तहत यहां काम करने वाले रिक्शा और दूसरे ड्राइवरों के लिए मराठी जानना जरूरी है. ये क्लास पूरी तरह से फ्री हैं."
ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी बोलना क्यों हुआ अनिवार्य?
RTO ने मराठी भाषा की अनिवार्यता के बारे में बताते हुए कहा कि महाराष्ट्र के अंदर ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों को हर हाल में मराठी भाषा सीखनी होगी. पूरी तरह से न सही, तो कामचलाऊ सीखनी ही होगी ताकि यात्रियों के साथ बातचीत में भाषा को लेकर कोई कन्फ्यूजन न हो और पैसे के लेन-देन में दिक्कत न आए. फिलहाल ड्राइवरों को चेतावनी पत्र (लेटर) देकर छोड़ा जा रहा है और उनसे मराठी सीखने का आग्रह किया जा रहा है. अगर फिर भी वे नियम नहीं मानते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
ये भी पढ़ें: हरियाणा: हिसार कोर्ट के बाहर गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काना की गोली मारकर हत्या, हथियार के साथ एक गिरफ्तार
