बालासोर रेल हादसे में अबतक मरने वालों की संख्या 288 हो गयी है, जबकि 1000 से अधिक लोग घायल हो गये हैं. राहत और बचाव कार्य समाप्त हो चुका है, लेकिन अब इस मामले में राजनीति तेज हो गयी है. पश्चित बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मरने वालों की संख्या पर सवाल उठा दिया है और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस्तीफे की मांग कर दी.
बालासोर हादसे का ममता बनर्जी ने लिया जायजा, रेल मंत्री से मांगा इस्तीफा
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ओडिशा के बालासोर में हुई भीषण ट्रेन दुर्घटना को सदी का सबसे बड़ा रेल हादसा बता दिया. उन्होंने कहा, सच्चाई का पता लगाने के लिए उपयुक्त जांच की आवश्यकता है. उन्होंने दावा किया कि यात्रियों की सुरक्षा की रेलवे द्वारा अनदेखी की जा रही है. उन्होंने मरने वालों की संख्या पर सवाल उठाया और कहा, मैंने सुना है कि यह 500 तक जा सकता है. इसपर वैष्णव असहमत दिखे. ममता बनर्जी ने हादसे को लेकर रेल मंत्री से इस्तीफा भी मांगा.
इस्तीफे की मांग पर क्या बोले अश्विनी वैष्णव
ममता बनर्जी द्वारा इस्तीफे की मांग पर जब रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से पूछा गया, तो उन्होंने कहा, हम पूरी पारदर्शिता चाहते हैं, यह राजनीति करने का समय नहीं है. यह समय राहत और बचाव कार्य पर ध्यान केंद्रीत करने का है.
हादसे में जान गंवाने वाले के परिजन के लिए मुआवजे की घोषणा
बनर्जी ममता ने हादसे में जान गंवाने वाले पश्चिम बंगाल के यात्रियों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है. जबकि रेलवे ने मृतकों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों के लिए दो-दो लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों के लिए पचास-पचास हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की अतिरिक्त अनुग्रह राशि की घोषणा की है.
देश की चौथी सबसे बड़ी रेल दुर्घटना
गौरबलब है कि ओडिशा के बालासोर जिले में बाहानगा बाजार स्टेशन के पास शुक्रवार शाम सात बजे हादसा हुआ. जिसमें कोरोमंडल एक्सप्रेस और बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन की कई बोगियां पटरी से उतर गयीं और एक मालगाड़ी से टकरा गयीं. जिससे अबतक 288 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1000 से अधिक लोग घायल हो गये. इस हादसे को देश में अब तक की चौथी सबसे बड़ी रेल दुर्घटना बतायी जा रही है.
