Mamata Banerjee vs BJP: BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा, ममता बनर्जी ने एक बयान दिया है कि वह हारी नहीं हैं और इसीलिए वह इस्तीफा नहीं देंगी. वह CM बनी रहेंगी. यह बात बेतुकी और चिंताजनक है. जब भी सत्ता का हस्तांतरण होता है- आजादी के समय से लेकर अब तक तो ऐसी स्थिति कभी पैदा नहीं हुई कि दो पार्टियां आपस में बहस करें. पूरे सम्मान के साथ, जो पार्टी हारती है, वह इस्तीफा दे देती है. 5 राज्यों में चुनाव हुए थे. तमिलनाडु के पूर्व CM MK स्टालिन ने राजभवन में गवर्नर के सामने अपना इस्तीफा सौंपा. लेकिन ममता बनर्जी कह रही हैं कि हम हारे नहीं हैं और इस्तीफा नहीं देंगे. यह विशेषाधिकार की भावना और अराजकता है. भारतीय लोकतंत्र में कोई भी अपरिहार्य नहीं है.
ममता बनर्जी अब MLA नहीं हैं, विधानसभा नहीं जा पाएंगी : संबित पात्रा
BJP सांसद संबित पात्रा कहते हैं, ममता जी कह रही हैं कि वह राज्य विधानसभा में भी नहीं जाएंगी. अब वह वहां कैसे जाएंगी? वह भवानीपुर सीट से नहीं जीती हैं. अब वह MLA नहीं हैं. जाहिर है, वह राज्य विधानसभा में नहीं जा सकतीं. उन्होंने कहा है कि उन्होंने INDI गठबंधन में सभी से बात की है. राहुल गांधी ममता बनर्जी के खिलाफ़ बयान दे रहे थे. ममता बनर्जी कांग्रेस के खिलाफ बयान दे रही थीं. ममता बनर्जी जिस तरह के बयान देती हैं, वे अराजक हैं.
ममता बनर्जी ने बीजेपी पर जनादेश लूटने का लगाया आरोप
बंगाल में बीजेपी की धमाकेदार जीत के एक दिन बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. जिसमें उन्होंने बीजेपी पर जनादेश लूटने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि लगभग 100 सीटों पर जनादेश लूटा गया. उनकी पार्टी का मनोबल गिराने के लिए जानबूझकर मतगणना धीमी की गई. उन्होंने कहा, मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हम जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साजिश से हारे हैं. मैं हारी नहीं हूं, मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी. वे संवैधानिक मानदंडों के अनुसार कार्रवाई कर सकते हैं.
ममता बनर्जी सबसे घिनौना खेल, खेल रही हैं: शहजाद पूनावाला
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि बनर्जी हिंसा के माध्यम से संवैधानिक व्यवस्था को क्षतिग्रस्त करने का सुझाव दे रही हैं. उन्होंने कहा, ममता बनर्जी जो सुझाव दे रही हैं वह संविधान विरोधी, बीआर आंबेडकर विरोधी और संवैधानिक अपमान के समान है, इसके अलावा चुनाव बाद उनका उग्र रवैया भी है. वह सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण की अवधारणा को पलटना चाहती हैं, जो हमारी संवैधानिक व्यवस्था की एक प्रमुख विशेषता है. उन्होंने कहा- ममता बनर्जी अब जनता के फैसले का अनादर करते हुए और इस्तीफा न देने की बात कहकर सबसे घिनौना अपने को पीड़ित पेश करने’ का खेल, खेल रही हैं. भले ही वह इस्तीफा न दें, विधानसभा आठ मई को भंग हो जाएगी और उनकी सदस्यता वैसे भी समाप्त हो जाएगी.
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