Cyber Security: साइबर सुरक्षा काे सशक्त बनाने, फॉरेंसिक रिसर्च और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) और राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) मिलकर काम करेंगे. दोनों संस्था डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर सुरक्षा और आधुनिक तकनीक रिसर्च के क्षेत्र में काम करेंगे. बुधवार को इस बाबत दोनों संस्था के बीच समझौता किया गया और यह पांच साल के लिए किया है. समझौते का मकसद देश के डिजिटल पहचान इकोसिस्टम को आधार प्रदान करने वाले यूआईडीएआई के डिजिटल इकोसिस्टम में साइबर सुरक्षा को और मजबूत करना है.
यह समझौता 6 मुद्दों शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास, सूचना सुरक्षा और प्रणाली की सुरक्षा, फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रयोगशाला उत्कृष्टता, साइबर सुरक्षा गतिविधियों के लिए तकनीकी सहायता, तकनीकी परामर्श और अनुसंधान (जिसमें एआई, ब्लॉकचेन, डीपफेक डिटेक्शन और क्रिप्टोग्राफिक प्रौद्योगिकियों जैसे उभरते क्षेत्रों में मिलकर रिसर्च करना) शामिज है.
छात्रों को होगा फायदा
इसके तहत एनएफएसयू के छात्रों के लिए प्लेसमेंट और आउटरीच के माैके मिलेंगे. यूआईडीएआई के सीईओ विवेक चंद्र वर्मा और एनएफएसयू गुजरात परिसर के निदेशक प्रोफेसर डॉक्टर एसओ जुनारे के बीच इस समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया. इस मौके पर यूआईडीएआई के सीईओ विवेक चंद्र वर्मा ने कहा कि यह सहयोग भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे काे सुरक्षा और फॉरेंसिक क्षमताओं को और मजबूत करने में कारगर होगा. साथ ही भारत की डिजिटल पहचान प्रणालियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.
