इसमें चप्पल की कोई गलती नहीं, सेफ्टी पिन से चप्पल को ठीक करते हुए बोलीं ममता बनर्जी

Mamata Banerjee Birthday : ममता बनर्जी के जन्मदिन पर हम आपको एक उनके चप्पल से जुड़ा वाकया बताते हैं. वाकया लोकसभा चुनाव के दौरान उनके साथ हुआ था.

Mamata Banerjee Birthday : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जन्मदिन 5 जनवरी को होता है. ममता का जन्म 1955 में कोलकाता के एक साधारण और गरीब परिवार में हुआ था. उनका प्रारंभिक जीवन कठिनाइयों से भरा रहा. बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया, जिसके बाद उनकी मां पर छह बच्चों की परवरिश की पूरी जिम्मेदारी आ गई. परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद ममता बनर्जी ने पढ़ाई जारी रखी और अपनी मां का सहारा बनने के लिए काम करना भी शुरू कर दिया. उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने राजनीति में कदम रखा और समय के साथ अपने दम पर देश की प्रमुख महिला नेताओं के बीच जगह बनाई. उनके जीवन से जुड़ी यूं तो बहुत सी कहानी है, लेकिन इस बार के लोकसभा चुनाव में कुछ अलग देखने को मिला. आइए बताते हैं उस वाकया के बारे में.

साल 2024 के मई का महीना था. ममता बनर्जी टीएमसी उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहीं थीं. इस क्रम में वह झारग्राम लोकसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी कालीपद सोरेन के समर्थन में आयोजित एक चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचीं थीं. इस दौरान एक दिलचस्प वाकया हुआ, जब मंच पर उनकी चप्पल का एक फीता टूट गया. मंच पर मौजूद पार्टी की महिला नेताओं ने तत्काल अपनी जूती-चप्पल उनको पहनने के लिए देने की पेशकश की. लेकिन उन्होंने विनम्रता से उनका आग्रह ठुकरा दिया. ममता ने मुस्कुराते हुए कहा कि वह इस तरह की जूती-चप्पल नहीं पहनती हैं.

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ममता बनर्जी के सुरक्षाकर्मी पास के बाजार से नई चप्पल खरीदने के लिए जाने लगे, लेकिन ममता बनर्जी ने उन्हें रोकते हुए कहा कि वह जिस तरह की चप्पल पहनती हैं, वह यहां नहीं मिलेगी. इसके बाद, ममता ने खुद अपनी टूटी चप्पल को सेफ्टी पिन की मदद से ठीक करने का फैसला किया. मंच पर ही बैठकर उन्होंने चप्पल को काम चलाने लायक बनाया. इस पूरे वाकये को हल्के-फुल्के अंदाज में लेते हुए ममता ने मुस्कुराते हुए कहा, ”चप्पल की कोई गलती नहीं है…उसकी जितनी आयु थी, मैं उससे कहीं ज्यादा इसका इस्तेमाल कर चुकी हूं. इसे पहनकर इतनी चली हूं कि आखिरकार यह टूट गई.”

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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