पीएम मोदी की लक्षद्वीप यात्रा से क्यों भड़का मालदीव? जानें यहां

पीएम मोदी के लक्षद्वीप यात्रा के बाद मालदीव भड़क गया है. मालदीव मंत्री के द्वारा कहा गया कि भारत को समुद्र तट पर्यटन में मालदीव के साथ कंपटीशन में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. जानें पूरा मामला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पिछले दिनों बहुत वायरल हुई जो लक्षद्वीप की थी. इसपर यूजर लगातार प्रतिक्रिया देते नजर आए. इस बीच, पीएम मोदी के लक्षद्वीप द्वीपसमूह की यात्रा के कुछ दिनों बाद मालदीव के एक मंत्री के ट्वीट ने सोशल मीडिया पर विवाद पैदा कर दिया है. बताया जा रहा है कि देश के 32 वर्ग किमी क्षेत्रफल वाले 36 द्वीप वाले सबसे छोटे केंद्र शासित प्रदेश में उनकी यात्रा द्वीप पर पर्यटन को बढ़ावा देने की ओर एक कदम के रूप में है. पीएम मोदी की इस यात्रा के बाद मालदीव के एक मंत्री ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी और उन्होंने भारत पर मालदीव को निशाना बनाने का आरोप लगा दिया. मंत्री के द्वारा कहा गया कि भारत को समुद्र तट पर्यटन में मालदीव के साथ कंपटीशन में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

#boycottmaldives सोशल मीडिया पर कर रहा है ट्रेंड

मालदीव के मंत्री के ट्वीट को लेकर भारतीय इंटरनेट यूजर्स भड़के गये हैं. वे मंत्री को अपडेट रहने की सलाह देते नजर आ रहे हैं. यूजर का कहना है कि भारत के पास मालदीव से खूबसूरत सी-बीच लक्षद्वीप में हैं. अब हमें विदेश जाने की जरूरत नहीं है. इस बीच #boycottmaldives सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है.

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मालदीव के मंत्री का यह ट्वीट लक्षद्वीप में स्नॉर्केलिंग के बारे में एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पीएम मोदी की पोस्ट के वायरल होने के बाद आया, जिसमें भारत में सोशल मीडिया यूजर मालदीव के वैकल्पिक पर्यटन स्थल के रूप में द्वीप केंद्र शासित प्रदेश का सुझाव देते नजर आए. आपको बता दें कि राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के सत्ता में आने के बाद पिछले कुछ महीनों में भारत-मालदीव संबंध तनावपूर्ण हो गये हैं जिसके बाद इस तरह की खबर चर्चा का केंद्र बन गया है.

चीन के दौरे पर मुइज्जू

गौर हो कि मुइज्जू ने नवंबर 2023 में राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला. अपनी चुनावी घोषणा में उन्होंने कहा था कि वह अपने द्वीप राष्ट्र में लगभग 75 भारतीय सैन्य कर्मियों की छोटी टुकड़ी को हटाने का काम करेंगे. मालदीव की ‘इंडिया फस्ट’ नीति को बदल देंगे. इस बीच चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है जिसमें कहा गया है कि मुइज्जू का सोमवार को चीन का दौरा करने वाले हैं. चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने शुक्रवार को कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें आमंत्रित किया है.

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भारत विरोधी हैं मुइज्जू ?

मुइज्जू को चीन समर्थक राजनेता के रूप में देखा जाता है. उन्होंने सितंबर में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में अपने भारत-समर्थक पूर्ववर्ती इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को हराने के बाद मालदीव के आठवें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी.

पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कह दी ये बात

इधर, मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि मालदीव सरकार की अधिकारी मरियम शिउना ने एक प्रमुख सहयोगी के नेता के प्रति कितनी ओछी भाषा का इस्तेमाल किया है, जो मालदीव की सुरक्षा और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है. डॉ. मोहम्मद मुइज्जू सरकार को इन टिप्पणियों से दूरी बनानी चाहिए.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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