टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा ने अपना सरकारी बंगला खाली कर दिया है. अधिवक्ता ने अधिकारियों को चाबियां सौंप दी है. एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को संपदा निदेशालय ने पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा से सरकारी बंगला खाली कराने के लिए दल भेजा गया है. गौर हो कि केंद्र के संपदा निदेशालय (डीओई) ने लोकसभा से निष्कासित तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रांड नेता महुआ मोइत्रा को सरकारी आवास खाली करने के मामले में फिर झटका लगा था. दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी. 16 जनवरी को डीओआई ने महुआ को बंगला खाली करने का नोटिस भेजा था जिसके बाद उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
निशिकांत दुबे ने मोइत्रा पर लगाया था गंभीर आरोप
उल्लेखनीय है कि बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर सवाल पूछने का आरोप लगाया था. उनकी शिकायत पर ही एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष विनोद कुमार सोनकर ने समिति की पहली रिपोर्ट सदन में पेश की थी. निशिकांत दुबे ने पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्रई की एक शिकायत के आधार पर आरोप लगाया था कि मोइत्रा ने उद्योगपति गौतम अदाणी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करने के लिए कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से गिफ्ट लिया. बीजेपी सांसद ने नकदी और उपहार के बदले में लोकसभा में सवाल पूछने का गंभीर आरोप लगाया था.
कारोबारी दर्शन हीरानंदानी ने क्या दावा किया था
कारोबारी दर्शन हीरानंदानी ने पिछले साल 19 अक्टूबर को आचार समिति को दिए एक हलफनामे में दावा किया था कि महुआ मोइत्रा ने लोकसभा सदस्यों की वेबसाइट के लिए उन्हें अपना ‘लॉग-इन आईडी’ और पासवर्ड दिया था. ‘लॉग-इन आईडी’ और पासवर्ड दिये जाने की बात खुद टीएमसी सांसद भी कबूल चुकीं हैं.
