Maharashtra : क्या महाराष्ट्र की राजनीति फिर लेगी करवट? अजित पवार ने की चाचा शरद की तारीफ

Maharashtra : लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद महाराष्ट्र की राजनीति तेज हो चली है. इस बीच अजीत पवार के बयान से कयासों का बाजार गरम हो गया है. जानें पूरा मामला

Maharashtra : लोकसभा चुनाव के बाद अब कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं जिसकी तैयारी पार्टियों ने शुरू कर दी है. सबसे ज्यादा नजर महाराष्ट्र में कुछ महीनों के बाद होने वाले चुनाव पर रहेगी, जहां इस बार महा विकास अघाड़ी ने आम चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया है. इस वक्त यदि प्रदेश में किसी नेता के बारे में सबसे ज्यादा बात हो रही है तो उसका नाम अजित पवार है, जिनके एनडीए सरकार से नाराज होने की चर्चा मीडिया में सुर्खियों में है.

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार से बगावत कर ली थी और शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे. इस बार के लोकसभा चुनाव में वे अपनी नई पार्टी के साथ चुनावी मैदान में उतरे थे, हालांकि उनके हाथ निराशा ही लगी. अजीत की पार्टी को महाराष्ट्र में एक सीट पर ही जीत मिली. इसके अलावा बारामती लोकसभा सीट पर अजित पवार की पत्नी सुनेत्र को सुप्रिया सुले ने पटखनी दी. लोकसभा चुनाव के परिणाम को अजित पवार के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है, जो बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट के साथ गठबंधन सरकार में डिप्टी सीएम के पद पर काबिज हैं.

Read Also : Narendra Modi Cabinet: क्या अजीत पवार हैं नाराज? महाराष्ट्र से घटी मंत्रियों की संख्या, इसी साल होने हैं विधानसभा चुनाव

अजित पवार के बदले बोल

इस बीच लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद अजित पवार के बोल बदलते नजर आ रहे हैं. दरअसल, सोमवार को एनसीपी के 25 साल पूरे होने के मौके पर उन्होंने शरद पवार की जमकर तारीफ की. अजित पवार ने कहा कि शरद पवार ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे को उठाया था और अलग होकर नई पार्टी बनाई थी. उस वक्त से ही वे पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं और हमारे संगठन को दिशा देने का काम कर रहे हैं. जून 2023 में शरद पवार से अलग होने के बाद से ऐसा पहली बार देखा गया कि, जब अजित पवार ने उनकी तारीफ की हो. अजित पवार की ओर से ऐसे वक्त में अपने चाचा शरद की तारीफ करने से कयासों का बाजार गर्म हो चुका है. वो भी तब जब राज्य में विधानसभा होने वाले हैं और लोकसभा चुनाव में उनके गुट को केवल एक लोकसभा सीट मिली है.

Maharashtra deputy chief minister and ncp leader ajit pawar with newly elected bjp mp raksha khadse. Ncp’s mp sunil tatkare and party leader praful patel are also seen.

अजीत पवार गुट के टूटने की खबर

सूत्रों के हवाले से मीडिया में कुछ दिन पहले खबर आई थी कि महाराष्ट्र में अजित पवार के एनसीपी गुट के करीब 10-15 विधायक शरद पवार खेमे के संपर्क में हैं. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के कुछ महीने पहले इस तरह की खबर से राजनीतिक हलचल तेज है. दरअसल, किसी पार्टी का नाम लिए बिना एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा था कि कई नेता उनके संपर्क में हैं.

Mumbai: maharashtra deputy cm ajit pawar, ncp (ajit) leader praful patel and party leaders during the ncp’s foundation day programme, in mumbai

एनडीए में मंत्री पद न लेने पर क्या बोले अजित पवार?

अजित पवार ने एनडीए के साथ अपने रिश्तों और मोदी सरकार में मंत्री पद न लेने पर भी सोमवार को प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि हमारा कहना था कि प्रफुल्ल पटेल पहले भी कैबिनेट मिनिस्टर रह चुके हैं. ऐसे में वह राज्य मंत्री का पद कैसे ग्रहण कर सकते हैं. हम कुछ समय इंतजार करेंगे और एनडीए में ही बने रहेंगे. यही नहीं, अजित पवार ने यह भी साफ किया कि भले ही वह बीजेपी और एकनाथ शिंदे सेना के साथ हैं, लेकिन हमारी विचारधारा में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >