LPG Crisis: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा- भारत में पेट्रोलियम और LPG की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह से सुरक्षित और नियंत्रण में है. सभी खुदरा ईंधन आउटलेट्स पर पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध हैं. देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है.
देश के पास 60 दिन का तेल
सरकार ने कहा कि देश के पास लगभग 60 दिनों का ईंधन भंडार है. मंत्रालय ने कहा- पेट्रोलियम रिफाइनिंग के मामले में भारत दुनिया में चौथा और 5वां सबसे बड़ा निर्यातक देश है. भारत 150 से अधिक देशों को रिफाइंड ऑयल की आपूर्ति करता है. भारत के पास कुल 74 दिन की कच्चे तेल और ईंधन भंडारण क्षमता है.
सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट किया तो होगी कार्रवाई
सरकार ने चेतावनी दी, सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट और कमी या आपातकालीन उपायों के मनगढ़ंत दावे अनावश्यक चिंता पैदा करने के लिए फैलाए जा रहे हैं. इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
दुष्प्रचार से बचें और घबराएं नहीं : सरकार
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा- आम लोगों से अपील है कि वे जान-बूझकर चलाए जा रहे एक शरारतपूर्ण और सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान से गुमराह न हों. बेवजह घबराएं नहीं.
देश भर में एलपीजी को लेकर अफरा-तफरी
ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जारी जंग के कारण पूरी दुनिया में ईंधन संकट गहराता जा रहा है. भारत में एलपीजी की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है. हालांकि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अब तक कोई असर नहीं पड़ा है. इधर देश के लगभग सभी राज्यों से एलपीजी की किल्लत को लेकर खबर सामने आ रही है. आम लोगों को दिन-रात सिलेंडर के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है. हालांकि कुछ जगहों पर हालात सामान्य हो गए हैं.
28 फरवरी से जारी है ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जंग
दुनिया भर में ईंधन संकट उत्पन्न होने की वजह ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जारी जंग है. 28 फरवरी से जारी जंग समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है. होर्मुज स्ट्रेट जहां से दुनिया की ईंधन जरूरतों का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा सप्लाई होता है, उसे ईरान ने बंद कर दिया है. वहां से गुजरने वाले जहाजों पर हमले हो रहे हैं. हालांकि भारत के लिए अच्छी खबर है कि भारतीय ध्वज वाले जहाजों को होर्मुज से गुजरने दिया जा रहा है. ईंधन संकट के बीच अब तक 6 जहाज सुरक्षित भारत आ चुके हैं.
ये भी पढ़ें: क्या पीएनजी है तेल संकट का समाधान, जानिए क्यों सरकार इसे कर रही है प्रमोट?
