बच्चों में कोरोना जांच के लिए आया 'लॉलीपॉप टेस्टिंग किट', ऑस्ट्रिया, जर्मनी सहित कई देशों में हो रहा है इस्तेमाल

नयी दिल्ली : वैज्ञानिकों ने छोटे बच्चों में कोरोनावायरस संक्रमण (Coronavirus) का पता लगाने के लिए एक नया टेस्टिंग किट (Corona Testing Kit) डेवलप किया है. इसे लॉलीपॉप टेस्टिंग (Lollipop Testing Kit) के नाम से जाना जाता है. इसमें कॉटन स्वाब को अपने मुंह में लेकर लॉलीपॉल की तरह चूसते हैं, जिससे बच्चों के स्वाब का नमूना इस स्टिक पर आ जाता है. फिर इसे सैम्पल के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है और जांच के बाद परिणाम आ जाता है.

नयी दिल्ली : वैज्ञानिकों ने छोटे बच्चों में कोरोनावायरस संक्रमण (Coronavirus) का पता लगाने के लिए एक नया टेस्टिंग किट (Corona Testing Kit) डेवलप किया है. इसे लॉलीपॉप टेस्टिंग (Lollipop Testing Kit) के नाम से जाना जाता है. इसमें कॉटन स्वाब को अपने मुंह में लेकर लॉलीपॉल की तरह चूसते हैं, जिससे बच्चों के स्वाब का नमूना इस स्टिक पर आ जाता है. फिर इसे सैम्पल के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है और जांच के बाद परिणाम आ जाता है.

ऑस्ट्रिया में किंडरगार्टन के बच्चों पर इसका टेस्ट किया गया है. सरकार ने वृहद पैमाने पर बच्चों की टेस्टिंग के लिए इसका इस्तेमाल किया है. यह वैसे बच्चों की टेस्टिंग में काफी मददगार साबित हो रहा है, जिन बच्चों को नाक के अंदर से या गले के अंदर से स्वाब के नमूने निकलवाने में परेशानी होती है. बच्चों को लॉलीपॉप टेस्टिंग किट का इस्तेमाल पसंद आ रहा है.

ऑस्ट्रिया में आशंका है कि जैसे-जैसे स्कूल और किंडरगार्टन फिर से खुलेंगे, वायरस का अधिक संक्रमण बच्चों में फैल सकता है. इससे मामलों में उछाल आ सकता है. ऑस्ट्रिया के बर्गेनलैंड प्रांत ने इस पायलट परियोजना की सफलता के बाद 35,000 लॉलीपॉप परीक्षणों का आदेश दिया गया था. प्रांतीय सरकार के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया था.

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बर्गेनलैंड में बच्चों के प्रति सप्ताह तीन नि:शुल्क परीक्षण किये जायेंगे. परीक्षण के लिए 90 सेकंड के लिए कॉटन स्वाब को लॉलीपॉप की तरह चूसना होताहै. इसके बाद इसे एक कंटेनर में डुबोया जाता है. 15 मिनट के बाद उपलब्ध टेस्ट के रिजल्ट मिल जाते हैं. जर्मनी में एक क्षेत्र में भी कोविड परीक्षण के लिए इस नये तरीके को अपनाया गया है.

समाचार पोर्टल वन इंडिया की टीम ने कोलोन के एक प्राथमिक विद्यालय का वीडियो गनाया है जहां इस नये परीक्षण का उपयोग किया जा रहा है.

Posted By: Amlesh Nandan.

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