लोकसभा में हंगामा जारी, विपक्षी सदस्यों की मांग- राहुल गांधी को बोलने दें

Lok Sabha : विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

Lok Sabha : लोकसभा में मंगलवार को भी पिछले कुछ दिन की तरह ही विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण गतिरोध जारी है. बैठक एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी. सदन की कार्यवाही जब एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे शुरू हुई तो विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे. कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की मांग है कि सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति मिले. विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच ही पीठासीन सभापति पी सी मोहन ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने विपक्षी सदस्यों से अपील की कि वे बजट पर चर्चा करें.

बजट पर चर्चा होने दीजिए : रीजीजू

रीजीजू ने कहा कि बजट का समय है, बजट पर चर्चा कीजिए. चर्चा शुरू हो चुकी है और कांग्रेस सदस्य शशि थरूर का नाम बोलने के लिए पुकारा जा चुका है. उनका कहना था कि विपक्षी दलों के कई नेता बोलना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस के सदस्य हंगामा कर रहे हैं. मंत्री ने कहा कि आप लोग सदन की गरिमा बहुत गिरा चुके हैं, और ज्यादा गिराने की आवश्यकता नहीं हैं. बजट पर चर्चा होने दीजिए.

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हंगामा नहीं थमने पर पी सी मोहन ने 12 बजकर छह मिनट पर सदन की बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

हंगामे के कारण प्रश्नकाल भी नहीं चल सका

इससे पहले, हंगामे के कारण प्रश्नकाल भी नहीं चल सका. प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस समेत विपक्ष के सदस्य विभिन्न मुद्दों पर लेकर हंगामा करने लगे. समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद इकरा चौधरी ने हंगामे के बीच ही पूरक प्रश्न पूछा और पशु पालन, मत्स्य पालन और डेयरी राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेल ने उत्तर देना शुरू किया. इसी बीच शोर-शराबा बढ़ने पर पीठासीन सभापति ने बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी.

पिछले सप्ताह से जारी है गतिरोध

पिछले सप्ताह राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा विषय उठाने की अनुमति नहीं मिलने, सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने तथा अन्य मुद्दों को लेकर सदन में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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