Lok Sabha Election 2024 : कांग्रेस राज में हनुमान चालीसा पढ़ने वालों पर हमला, पीएम नरेंद्र मोदी का बड़ा आरोप

Lok Sabha Election 2024 राजस्थान के सवाई माधोपुर में पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस आपकी संपत्ति आपसे छीनकर मुसलमानों को देना चाहती है.

Lok Sabha Election 2024 : कांग्रेस पार्टी आपकी संपत्ति खास लोगों को बांटने की साजिश कर रही है. वह आपकी संपत्ति का सर्वे कराएगी और उसे खास लोगों के बीच बांट दिया जाएगा. कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति करती है और कुछ खास लोगों को ही लाभ पहुंचाना चाहती है. मोदी ने कांग्रेस का यह चेहरा सबके सामने ला दिया है. हमने उनका एजेंडा बता दिया है. कर्नाटक में एक व्यक्ति पर सिर्फ इसलिए हमला किया गया क्योंकि वह हनुमान चालीसा सुन रहा था. मोदी सरकार दलितों और गरीबों को आरक्षण देने का काम किया है. उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के सवाई माधोपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कही.

कांग्रेस को सिर्फ मुसलमानों की चिंता

पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति में इतनी धंस चुकी है कि उसे बाबा साहेब के संविधान की भी परवाह नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में लिखा है कि वो आपकी संपत्ति का सर्वे कराएगी. कांग्रेस क्या चाहती है? क्या वह हमारी माता और बहनों के पास जो मंगलसूत्र है, उसका भी सर्वे कराएगी और उसे छीनने का प्रयास करेगी. कांग्रेस ने मुसलमानों को फायदा पहुंचाने के लिए संविधान की भी परवाह नहीं की. 2004 में जैसे ही केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनी, उसने आंध्रप्रदेश में एससी और एसटी के आरक्षण में कमी करके मुसलमानों को आरक्षण देने का प्रयास किया. यह कांग्रेस का पायलट प्रोजेक्ट था, जिसे वह पूरे देश में लागू करना चाहती थी.

दलितों का हक कोई नहीं छीन पाएगा

पीएम मोदी ने कहा कि 2004 से 2010 के बीच कांग्रेस पार्टी ने चार बार आंध्र प्रदेश में मुसलमानों के लिए आरक्षण लागू करने की कोशिश की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की जागरूकता और कानूनी अड़चनों की वजह से पार्टी का यह सपना पूरा नहीं हुआ. कांग्रेस दलितों का हक मारने की कोशिश में जुटी है, इन साजिशों के बीच मोदी खुले मंच से यह गारंटी दे रहा है कि दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का आरक्षण न खत्म होगा और न ही उसे धर्म के नाम पर बांटने की इजाजत दी जाएगी.

सुरक्षित और विकसित राष्ट्र के लिए स्थायी सरकार जरूरी

राजस्थान की जनता यह बखूबी जानती है कि सुरक्षित और विकसित राष्ट्र के लिए स्थायी सरकार कितनी जरूरी है. यही वजह है कि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में राजस्थान की जनता ने बीजेपी को अपना पूरा आशीर्वाद दिया. राजस्थान की जनता ने 25 में से 25 सीटें बीजेपी को दीं. एकजुटता राजस्थान की धरती की ताकत है, आप यह बखूबी जानते हैं कि देश को बांटने की कोशिश हमारे दुश्मन लगातार करते रहे हैं, लेकिन अपनी एकजुटता से ही हम उन्हें हरा सकते हैं.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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