Lok Sabha Election 2024 : पीएम मोदी ने कहा-आपके अधिकारों की रक्षा के लिए मांग रहा हूं 400 पार

पीएम मोदी ने विपक्षी एकता पर प्रहार करते हुए कहा कि ये ताश के पत्ते की तरह बिखर रहे हैं. समाजवादी शहजादे बंगाली बुआ की शरण में जा पहुंचे हैं.

Lok Sabha Election 2024 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी ने दिन-रात मेहनत करके उत्तर प्रदेश की छवि बदली है. इंडिया गठबंधन पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि एक ओर तो बीजेपी गठबंधन देशहित को सर्वोपरि रख रही है, वहीं दूसरी ओर इंडी गठबंधन है जो देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव के चरण पूरे हो रहे हैं, इंडी गठबंधन की एकता बिखर रही है, क्योंकि उन्हें पता है कि चुनाव के बाद क्या होने जा रहा है. समाजवादी शहजादे बंगाली बुआ के शरण में पहुंचे हैं, लेकिन वे कह रही हैं कि वो बाहर से सपोर्ट करेंगी.

कांग्रेस और सपा को जनता से कोई मतलब नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इनके सपनों की इंतहा देखिए, इनका एक नेता कह रहा है कि रायबरेली के लोग प्रधानमंत्री को चुनेंगे. इनका इतना कहते ही समाजवादी शहजादे का दिल टूट गया है, बस आंसू नहीं निकले. उनकी स्थिति वैसी है जैसे दिल के अरमान आंसुओं में बह गए. ये सब प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं. कांग्रेस और सपा को जनता की भलाई से कोई मतलब नहीं है, इन्हें बस अपने वोट बैंक का भला करना है.

सपा-कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति करती है


पीएम मोदी ने सपा और कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये अपने वोट बैंक को खुश रखने के लिए दलितों और पिछड़ों का हक उनसे छीनना चाहते हैं. चारा घोटाले के चैंपियन तो यहां तक कह चुके हैं कि आरक्षण का लाभ सिर्फ मुसलमानों को मिलना चाहिए. मैं जब इनकी सच्चाई सामने लाता हूं तो मुझपर आरोप लगाते हैं कि मैं हिंदू-मुस्लिम करता हूं. ये मोदी को गालियां देते हैं. इनकी नींद उड़ जाती है.

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पीएम मोदी ने की 400 पार की मांग

पीएम मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मैं आपके अधिकारों की रक्षा के लिए आपसे 400 पार की मांग कर रहा हूं. पीएम ने कहा कि अब राम काज से आगे राष्ट्र काज का समय है. राम काज में राष्ट्र काज की प्रेरणा है. आपको एक ऐसा नेता चाहिए, जो आपके लिए काम करे, देश को विकास के पथ पर लेकर जाए, इसके लिए आपको मजबूत सरकार चाहिए. देश में मजबूत सरकार बीजेपी ही दे सकती है.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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