Lockdown 3.0 : मोदी सरकार ने दो हफ्ते और बढ़ा दिया लॉकडाउन, जानें अब क्या खुलेगा क्या नहीं

Lockdown extension in India,Lockdown 3.0, coronavirus,Lockdown extension,PM Modi,MHA : केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण (coronavirus in india) को फैलने से रोकने के लिये लागू लॉकडाउन (Lockdown extensio) को और दो हफ्तों (Lockdown 3.0) के लिये बढ़ाने का शुक्रवार को फैसला किया.

Lockdown extension in India,Lockdown 3.0, coronavirus,Lockdown extension : केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण (coronavirus in india) को फैलने से रोकने के लिये लागू लॉकडाउन (Lockdown extensio) को और दो हफ्तों के लिये बढ़ाने का शुक्रवार को फैसला किया. यह चार मई से प्रभावी होगा. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 पर स्थिति की व्यापक समीक्षा करने के बाद यह फैसला लिया गया. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मंत्रालय ने चार मई से दो हफ्तों की अवधि के लिये लॉकडाउन बढ़ाने का आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जारी किया है. गौर हो कि लॉकडाउन का प्रथम चरण 25 मार्च से 14 अप्रैल तक था, जिसे बाद में बढ़ा कर (15 अप्रैल से) तीन मई तक (दूसरा चरण) किया गया था.

गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार

गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार रेड जोन में कई तरह के प्रतिबंध होंगे. यहां साइकल रिक्शा, ऑटो रिक्शा, टैक्सी और कैब सेवा नहीं उपलब्ध होगी.यहां एक जिले से दूसरे जिले के बीच बस सेवा भी बंद रहेगी. स्पा, सलून और नाई की दुकाने नहीं खुलेंगी. पूरे देश में रेल, एयर, मेट्रो सेवा और एक राज्य से दूसरे में आवागमन बंद रहेगा. स्कूल, कॉलेज और एजुकेशनल इंस्टिट्यूट भी नहीं चलेंगे. ऑरेंज जोन में टैक्सी और कैब सेवा को अनुमति दी जाएगी लेकिन ड्राइवर के साथ एक यात्री ही सफर कर सकेगा.


ग्रीन जोन में सभी बड़ी आर्थिक गतिविधियों की छूट दे दी गयी

देशभर को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोनों में बांटने का काम किया जा रहा है. ग्रीन जोन में सभी बड़ी आर्थिक गतिविधियों की छूट दे दी गयी है. ताजा आदेश की मानें तो, ग्रीन जोन के 307 जिलों में बसें चलेंगी, लेकिन बसों की क्षमता 50% से ज्यादा नहीं होने दी जाएगी. इसका मतलब है कि, यदि किसी बस में 50 सीटें हैं तो उसमें 25 से ज्यादा यात्री नहीं बैठेंगे. इसी तरह, डीपो में भी 50% से ज्यादा कर्मचारी काम पर नहीं आएंगे. इन जिलों में नाई की दुकानें, सैलून समेत अन्य जरूरी सेवाओं और वस्तुएं मुहैया कराने वाले संस्थान भी 4 मई से खुल जाएंगे. सिनेमा हॉल, मॉल, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स आदि बंद रखा जाएगा.


ऑरेंज का जानें हाल

ऑरेंज जोन की बात करें तो यहां बसों के परिचालन की छूट नहीं होगी, लेकिन कैब की अनुमति दी जाएगी. कैब में ड्राइवर के साथ एक ही यात्री बैठ सकेगा. ऑरेंज जोन में इंडस्ट्रियल ऐक्टिविटीज शुरू होगी और कॉम्प्लेक्स भी खोल दिये जाएंगे.

प्रधानमंत्री आवास पर हुई बैठक

इधर लॉकडाउन के कारण अलग-अलग राज्‍यों में फंसे लोगों के लिए आज बहुत अच्छी खबर आयी. केंद्र सरकार ने उनके लिए स्‍पेशल ट्रेन्‍स चलाने की परमिशन दे दी है. प्रधानमंत्री आवास पर हुई बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा, गृह मंत्री अमित शाह, रेल मंत्री पीयूष गोयल, चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ जनरल बिपिन रावत, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और पीएम के प्रधान सचिव पीके मिश्रा मौजूद थे.

श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला

रेलवे की ओर से कहा गया कि गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस एक मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया गया है. विशेष ट्रेनें दो स्थानों के बीच दोनों राज्य सरकारों के अनुरोध पर और फंसे लोगों को भेजने तथा लाने के सबंध में दिशानिर्देशों के अनुसार चलेंगी. यात्रियों के रवाना होने से पहले राज्यों द्वारा उनकी जांच की जाएगी और जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण नहीं होंगे, उन्हें ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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