…तो क्‍या 24 मई तक बढ़ जाएगा लॉकडाउन? पीएम मोदी से उर्दू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने किया आग्रह

मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय (Maulana Azad National Urdu University) के कुलाधिपति फिरोज बख्त अहमद (Firoz Bakht Ahmed) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को पत्र लिखकर आग्रह किया कि कोरोना वायरस के संक्रमण (Corona virus infection) को बढ़ने से रोकने के लिए लॉकडाउन रमजान (Lockdown ramadan) के पवित्र महीने के खत्म होने तक (24 मई) बढ़ा देना चाहिए.

नयी दिल्ली : मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति फिरोज बख्त अहमद ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए लॉकडाउन रमजान के पवित्र महीने के खत्म होने तक (24 मई) बढ़ा देना चाहिए.

उन्होंने पत्र में यह भी कहा कि अगर लॉकडाउन तीन मई के बाद खोला जाता है तो ऐसे में बहुत सारे लोग खरीददारी करने और इबादत के लिए एकत्र हो सकते हैं. रमजान का महीना इस सप्ताहांत आरंभ होगा. अहमद ने तबलीगी जमात से जुड़ी घटना और कुछ स्थानों पर चिकित्सकों पर हमले की खबरों का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की चीजों को लेकर वह मुस्लिम समुदाय की तरफ से माफी चाहते चाहते हैं. उनके पत्र के बारे में पूछे जाने पर अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सरकार सही समय पर फैसले कर रही है.

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प्रधानमंत्री को लिखे पत्र पर अहमद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, मैं जो बातें कर रहा हूं वो देशहित और मुस्लिम समाज के हित में है. तबलीगी जमात की घटना के बाद अब ऐसा कोई काम नहीं होना चाहिए जिसके लिए हमारे समुदाय को जिम्मेदार ठहराया जाए.

उन्होंने कहा, तबलीगी जमात के लोगों की वजह से पूरे मुस्लिम समुदाय को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि मुसलमानों का बहुत छोटा तबका इससे संबंधित है.

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गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकेट को लेकर पहले तो 21 दिनों के लिए देशव्‍यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी, जो 14 अप्रैल को ही खत्‍म हो गया. लेकिन देश के सभी राज्‍यों की मांग पर पीएम मोदी ने लॉकडाउन को 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया है. देश में कोरोना के खिलाफ जंग में लॉकडाउन ने बड़ी भूमिका निभायी है. इसका प्रमाण है कि देश के दो राज्‍य गोवा और मणिपुर कोरोना से मुक्‍त हो चुका है, जबकि देश के 61 जिलों में पिछले 14 दिनों से एक भी कोरोना के केस नहीं आये हैं.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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