देश भर में कृषि कानून का जबरदस्त विरोध हो रहा है. देश के कई राज्यों के किसान सड़क पर उतर कर आंदोलन कर रहे हैं. इस बीच राहुल गांधी ने किसानों से बात की है. राहुल गांधी ने किसानों से पूछा की नये कृषि कानून से किसानों को क्या नुकसान हो रहा है. इस दौरान किसानों ने इसे काला कानून बताते हुए कहा कि इससे देश के किसान बर्बाद हो जायेंगे. इससे किसानों के आगे भूखे मरने की नौबत आ जायेगी.
किसानों ने कहा कि इससे एमएसपी खत्म हो जायेगी. आखिर सरकार एमएसपी पर कानून क्यों नहीं बनाती है. किसानों ने कहा कि यह इस्ट इंडिया कंपनी के जैसा कानून बन जायेगा. कॉरपोरेट जगत को इससे फायदा होगा. इतन ही नहीं इसका नुकसान ग्राहकों को भी होगा. क्योंकि किसान से सब्जी सस्ते दामों में खरीदी जायेगी और ग्राहको को महंगे दाम में सब्जी बेची जायेगी.
इसके बाद राहुल गांधी ने पीएम मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि काला धन के नाम पर किसानों और अंसगठित क्षेत्र के मजदूरों को कमजोर करने का प्रयास किया गया. सरकार उसके बाद जीएसटी लेकर आयी. कोरोना के समय जो पैसा देना था वो पैसा नहीं दिया. राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना के दौर में आम आदमी की कमाई घटी जबकि पूंजीपतियों की कमाई बढ़ी है. केंद्र सरकार का लक्ष्य देश की रीढ़ की हड्डी को तोड़ने का है. इन तीन कृषि कानून और नोटबंदी में कोई फर्क नहीं है.
इससे पहले भी राहुल गांधी ट्वीटर पर कृषि कानून को लेकर सरकार पर हमला बोला था. राहुल गांधी ने इसे काला कानून करार दिया. था. वहीं नये कानून के विरोध में सोमवार को देशभर में प्रदर्शन हुए थे. किसानों ने कर्नाटक बंद का एलान किया था. साथ ही राज्य में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी किया था. तमिलनाडु में कृषि कानून के खिलाफ किसानों ने कल विरोध किया. डीएमके अध्यक्ष एम के स्टॉलिन भी किसानों के साथ विरोध में शामिल हुए.
वहीं कृषि बिल का विरोध दिल्ली के राजपथ तक पहुंच गया . किसानों ने प्रदर्शन करते हुए दिल्ली के इंडिया गेट के पास ट्रैक्टर में आग लगा दी है. इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस ने अपना असली रंग दिखा दिया है. किसानों के प्रदर्शन के नाम असामाजिक तत्व अराजकता फैलाने का काम रहे हैं. यह एक दुर्भाग्य पूर्ण घटना है.
Posted By: pawan Singh
