Kisan Andolan News, Supreme Court : मोदी सरकार के तीन नये कृषि कानूनों पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कृषि कानूनों पर आगले आदेश तक रोक लगा दी है और बातचीत के लिए एक कमेटी बनाई है. इस चार सदस्ययी कमेटी में भारतीय किसान यूनियन से लेकर कृषि विशेषज्ञ तक शामिल हैं.
सुप्रीम कोर्ट की समिति मे शामिल हैं ये चार सदस्य
जीतेंद्र सिंह मान, बीकेयू के अध्यक्ष
डॉ. प्रमोद कुमार जोशी, अंतरराष्ट्रीय नीति प्रमुख
अशोक गुलाटी, कृषि अर्थशास्त्री
अनिल धनवत, शिवकेरी संगठन, महाराष्ट्र
बता दें कि अशोक गुलाटी एक भारतीय कृषि अर्थशास्त्री और कृषि लागत और मूल्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष हैं, जो खाद्य आपूर्ति और मूल्य निर्धारण नीतियों पर भारत सरकार के सलाहकार निकाय हैं. बता दें कि कई खाद्यान्नों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी में गुलाटी की महत्वपूर्ण भूमिका है.
चीफ जस्टिस एस एस बोबडे ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि कानून पर हम एक समिति बना रहे हैं ताकि हमारे पास एक स्पष्ट तस्वीर हो. हम समस्या को हल करने के दिशा में कदम उठा रहे हैं और यदि किसान अनिश्चित काल के लिए आंदोलन करना चाहते हैं, तो आप ऐसा कर सकते हैं. उन्होंने अटॉर्नी जनरल से कहा कि इस आंदोलन में यदि किसी प्रतिबंधित संगठन द्वारा घुसपैठ होती है तो यहां आरोप लगाने से पहले इसकी पुष्टि करनी होगी.
वही 26 जनवरी को होने वाले किसानों की ट्रैक्टर रैली पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. किसानों की तरफ से दिल्ली में ट्रैक्टर रैली करने की आशंका वाली याचिका पर अब सोमवार को सुनवाई होगी. इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने किसान संगठनों को नोटिस जारी किया है.
