अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने एक्ट्रेस तृषा को लेकर उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी की कड़ी आलोचना की. उन्होंने इसे महिलाओं का अपमान बताया और कहा कि ऐसी बातें करने वाले व्यक्ति को खुद को नेता कहने में शर्म आनी चाहिए.
सोमवार (3 अगस्त) को तंजावुर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने "तृषा-तृषा" के नारे लगाए. इसके जवाब में उदयनिधि स्टालिन ने मुस्कुराते हुए दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी की. कई लोगों ने इसे अभिनेत्री तृषा पर निशाना माना. तृषा को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की करीबी दोस्त माना जाता है. सोशल मीडिया पर दोनों के रिश्ते को लेकर भी अक्सर चर्चाएं होती रहती हैं.
डीएमके में महिलाओं के प्रति भेदभाव उसकी विरासत का हिस्सा
NDTV से खास बातचीत में बीजेपी की तमिलनाडु इकाई की उपाध्यक्ष खुशबू सुंदर ने कहा, 'मैं खुद कई बार महिलाओं के खिलाफ की जाने वाली आपत्तिजनक टिप्पणियों का सामना कर चुकी हूं. डीएमके की राजनीति में महिलाओं के प्रति भेदभाव और सेक्सिस्ट सोच उसकी विरासत का हिस्सा बन गई है.
खुशबू सुंदर ने कहा, "उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी से मुझे बिल्कुल हैरानी नहीं हुई. मैंने पहले भी डीएमके नेताओं की ओर से महिलाओं के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां सुनी हैं. लेकिन मुझे उम्मीद थी कि युवा नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री होने के नाते उदयनिधि अलग सोच रखेंगे. अफसोस, उन्होंने भी बेहद अशोभनीय और आपत्तिजनक टिप्पणी की. सबसे दुख की बात यह है कि उन्हें अपने बयान पर जरा भी पछतावा नहीं दिखा."
उदयनिधि स्टालिन को किया गया रिहा
तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार (4 अगस्त) सुबह एक महिला की गरिमा का अपमान करने समेत कई आरोपों में हिरासत में लिया गया. पूछताछ के बाद उन्हें रात करीब 8 बजे रिहा कर दिया गया.
खुशबू सुंदर ने कहा, "आखिर राजनीतिक फायदा उठाने के लिए महिलाओं का अपमान कब तक किया जाएगा? उदयनिधि स्टालिन को किसने यह अधिकार दिया कि वह सार्वजनिक मंच से किसी महिला पर आपत्तिजनक टिप्पणी करें? यह सिर्फ उनकी नहीं, कई राजनीतिक दलों की समस्या है. किसी महिला का अपमान करके कोई मजबूत नेता नहीं बन जाता. अगर खुद को नेता कहते हैं, तो ऐसी भाषा पर शर्म आनी चाहिए."
