कर्नाटक विधानसभा चुनाव में इन खास 7 सीट पर रहेगी नजर, जानें क्या है इतिहास

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया राजनीति में अपनी अंतिम पारी खेल रहे हैं और वे वरुणा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं. पिछले चुनाव में उन्होंने अपने बेटे यतींद्र सिद्धारमैया के लिए ये सीट छोड़ दी थी,

कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तैयारी अपने चरम पर है. 10 मई को मतदान होगा और 13 मई को रिजल्ट घोषित किये जायेंगे. कर्नाटक में कुल 224 विधानसभा क्षेत्र हैं और विधानसभा का कार्यकाल 24 मई को पूरा हो रहा है, उससे पहले यहां नयी सरकार का गठन हो जायेगा. कर्नाटक विधानसभा का चुनाव काफी अहम है, यहां भाजपा, कांग्रस के अलावा जेडी(एस) भी मैदान में है और सभी अपनी स्थिति सुधारना चाहते हैं.

शिंग्गाव से बसवराज बोम्मई आजमायेंगे भाग्य

कर्नाटक में कुछ एेसे विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनपर पूरे देश की नजर है और जिनके परिणाम से सरकार गठन की प्रक्रिया प्रभावित होगी. कुछ एेसी ही सीटों में से एक है शिंग्गाव विधानसभा सीट, जहां से मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई विधायक हैं. उन्होंने 2018 के चुनाव में यहां से कांग्रेस उम्मीदवार को नौ हजार से अधिक वोटों से हराया था.

सिद्धारमैया वरुणा से अंतिम पारी खेलेंगे

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया राजनीति में अपनी अंतिम पारी खेल रहे हैं और वे वरुणा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं. पिछले चुनाव में उन्होंने अपने बेटे यतींद्र सिद्धारमैया के लिए ये सीट छोड़ दी थी, लेकिन इस बार वे यहीं से चुनाव लड़ेंगे. वरुणा सिद्धारमैया का गृह क्षेत्र है यही वजह है कि वे अपनी पारी की समाप्ति यही से करना चाहते हैं.

डीके शिवकुमार सात बार रहे हैं विधायक

कनकपुरा विधानसभा सीट से कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार अपना भाग्य आजमायेंगे. वे सात बार विधायक रहे हैं. सबसे अधिक ध्यान देने वाली बात यह है कि उन्होंने 1989 से अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा है.

चन्नापटना से एचडी कुमारस्वामी लड़ेंगे चुनाव

चन्नापटना विधानसभा सीट से जेडी(एस) के वरिष्ठ नेता एचडी कुमारस्वामी चुनाव लड़ेंगे. वे दूसरी बार इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. 2018 से पहले वे रामनगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते रहे हैं.

बीवाई विजयेंद्र लड़ेंगे चुनाव

शिकारीपुरा विधानसभा सीट कर्नाटक के सबसे चर्चित विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. यहां से लिंगायत समुदाय के वरिष्ठ नेता येदियुरप्पा चुनाव लड़ते थे, लेकिन अब उनके बेटे बीवाई विजयेंद्र वहां से चुनाव लड़ेंगे, एेसी चर्चा है.

निखिल कुमारस्वामी आजमायेंगे भाग्य

रामनगर विधानसभा सीट से इस बार एचडी कुमारस्वामी के बेटे निखिल कुमारस्वामी चुनाव लड़ेंगे. 2018 के चुनाव में कुमारस्वामी की पत्नी अनिता ने यहां से चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार निखिल को विरासत सौंपी जा रही है.

शिवमोग्गा से ईएस ईश्वरप्पा हैं विधायक

कर्नाटक विधानसभा का शिवमोग्गा विधानसभा सीट भी काफी चर्चित रहा है. यहां के विधायक ईएस ईश्वरप्पा ने भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया है.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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