Ladakh J&K High Court Bench: केंद्र सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लोगों के लिए जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट की एक पीठ स्थापित करने का निर्णय लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया. गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इस कदम से लद्दाख के दूरदराज इलाकों में रहने वाले नागरिकों को न्याय पाने में आसानी होगी और कानूनी सेवाओं के लिए लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा.
"मोदी सरकार लद्दाख के सर्वांगीण विकास और यहां के निवासियों के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है." - अमित शाह
5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया था
5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 और 35A को निरस्त कर दिया था, जिसके बाद तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर (विधानसभा सहित) और लद्दाख (बिना विधानसभा) में विभाजित कर दिया गया था. लद्दाख में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करना वहां की कानूनी व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
