जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में लश्कर के आतंकी उजैर खान सहित तीन को सुरक्षाबलों ने घेरा

अनंतनाग जिले के कोकेरनाग इलाके के गडोले क्षेत्र में बुधवार को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में तीन जवान शहीद हो गए थे. ताजा जानकारी के अनुसार सुरक्षाबलों ने इलाके में तीन आतंकियों को घेर लिया है.

जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ के बाद ऑपरेशन जारी है. जानकारी के अनुसार लश्कर के एक स्थानीय आतंकी उजैर खान को सुरक्षाबलों ने घेर लिया है. उसपर दस लाख का इनाम है. दो विदेशी आतंकी को भी घेर लिया गया है.

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि उसने अनंतनाग जिले में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों को ‘घेर’ लिया है. आपको बता दें कि अनंतनाग में एक दिन पहले मुठभेड़ में सुरक्षा बल के तीन अधिकारी शहीद हो गए थे. कश्मीर जोन पुलिस ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी दी कि कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोनैक और डीएसपी हुमायूं भट, जिन्होंने इस अभियान के दौरान सामने से नेतृत्व करते हुए अपने प्राणों की आहूति दी, उनकी अटल वीरता को सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए हमारी सेनाएं उजैर खान सहित लश्कर के दो आतंकवादियों को खोज रही है.

गौर हो कि अनंतनाग जिले के कोकेरनाग इलाके के गडोले क्षेत्र में बुधवार को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में 19 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर, एक मेजर रैंक के अधिकारी और एक पुलिस उपाधीक्षक शहीद हो गए थे.

संजय राउत का पीएम मोदी पर हमला

शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) सांसद संजय राउत ने मामले पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जिस सयम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर फूल बरसाए जा रहे थे उस समय आतंकी हमारे जवानों पर गोलियां बरसा रहे थे जिसमें 3 वरिष्ठ अधिकारी शहीद हो गए. आप किस खुशी में फूल बरसा रहे हैं? क्या आपको यह सब देखकर दुख नहीं होता? आपकी तरफ से कोई बयान तक नहीं आया है.

शिवानंद तिवारी ने क्या कहा

राजद नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि मणिपुर में आग लगी है, श्रीनगर में सेना के अफसर वीर गति को प्राप्त हुए और बीजेपी कार्यलाय में उत्सव मनाया जा रहा है. सरकार इस तरह से चलती है? देश के प्रधानमंत्री, मुखिया की कोई जिम्मेदारी नहीं कि देश के कौने में आग लगी है. उनको कोई चिंता नहीं कि सेना के लोग मारे जा रहे हैं. फूल बरसाओ और भगवान का दर्ज़ा दो.

पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

बुधवार को अनंतनाग में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोनक और डीएसपी हुमायूं भट्ट की मौत पर जम्मू में डोगरा फ्रंट ने पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और नारे लगाए.

बुधवार को अनंतनाग में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोनक और डीएसपी हुमायूं भट्ट की मृत्यु पर जम्मू में BJYM कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए.

तीन जवान शहीद

गौर हो कि जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग के ऊंचाई वाले क्षेत्र में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच बुधवार को मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में सेना के एक कर्नल, एक मेजर समेत तीन सैन्यकर्मी और जम्मू कश्मीर पुलिस के एक उपाधीक्षक शहीद हो गए. मुठभेड़ के बाद अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह अनंतनाग जिले के गारोल इलाके में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में 19 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोनैक और पुलिस उपाधीक्षक हुमायूं भट गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इलाज के दौरान इन अधिकारियों की मृत्यु हो गई.

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अधिकारियों ने बताया कि दो महीने की बेटी के पिता एवं जम्मू कश्मीर पुलिस के सेवानिवृत्त महानिरीक्षक (IG) गुलाम हसन भट के बेटे भट की अधिक रक्तस्राव होने के कारण मौत हो गई. पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने पुलिस और सेना के बहादुर अधिकारियों की मौत पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने एक मैसेज में कहा कि दोषियों को जल्द ही न्याय के कठघरे में लाया जाएगा.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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