जयपुर स्कूल विवाद: CJP और ग्रामीणों ने दर्ज कराई क्रॉस FIR, आशुतोष रांका बोले- कैलाश वर्मा के साथ दिखे थे हमलावर

राजस्थान के जयपुर जिले के रामपुरा कंवरपुरा में सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों के बीच हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ क्रॉस एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है.

खबर की मुख्य बातें

  • जयपुर पुलिस ने CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों दोनों की शिकायत पर दर्ज की अलग-अलग FIR.
  • CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका का आरोप- हमलावर घटना से एक रात पहले BJP विधायक कैलाश वर्मा के साथ थे.
  • विधायक कैलाश वर्मा का पलटवार- "क्या आप कांग्रेस के एजेंट हैं? बिना असलियत समझे राजनीति न करें".
  • शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग पर अड़ी CJP, राजस्थान पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल.

जयपुर DCP (साउथ) राजर्षि राज वर्मा ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में बताया, "दोनों पक्षों—CJP और ग्रामीणों की तरफ से FIR दर्ज कराई गई हैं. दोनों पक्षों से मिली जानकारी के आधार पर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं. जांच अभी शुरू हुई है; बयान दर्ज किए जा रहे हैं. सबूत मिलने पर कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी."

"क्या कांग्रेस के एजेंट हैं?"— BJP विधायक कैलाश वर्मा का हमला

CJP के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय बीजेपी विधायक कैलाश वर्मा ने आशुतोष रांका पर हमला बोला. उन्होंने कहा, "क्या आप कांग्रेस के एजेंट हैं? गांव में आने की हिम्मत कैसे हुई? यह मेरा गांव है. यहां के लोगों से मेरा गहरा नाता है. सबसे बड़ी समस्या यह है कि कुछ लोग गांव की जिंदगी की असलियत समझे बिना, सिर्फ इंग्लिश-मीडियम स्कूलों और बड़े शहरों के नजरिए से बातें करते हैं. भजन लाल जी ने राज्य में स्कूलों के विकास के लिए करोड़ों रुपयों के प्रोजेक्ट मंजूर किए हैं."


ये भी पढ़ें: ABVP-NSUI विवाद: एबीवीपी के आरोपों पर NSUI का पलटवार, कहा- CCTV फुटेज से सामने आएगी सच्चाई

CJP का संगीन आरोप: 'विधायक के साथ बैठे थे गुंडे'

CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने घटना को सोची-समझी साजिश करार दिया. रांका ने कहा, "शुक्रवार को जो घटना हुई, जिसमें मारपीट और हिंसा हुई, उसमें बाहर से गुंडे बुलाए गए थे. हमने आज ट्विटर पर इन सभी लोगों की तस्वीरें शेयर की हैं. यही लोग पिछली रात स्थानीय विधायक कैलाश वर्मा के साथ बैठे देखे गए थे. जिन लोगों ने सुबह गुंडागर्दी की, वे ही लोग पिछली रात कैलाश वर्मा के साथ बैठे थे. यह साफ है कि यह बहुत सोच-समझकर और योजना बनाकर किया गया हमला था; जिस तरह के पत्थर इस्तेमाल किए गए, उनसे लगता है कि वे जान लेने के इरादे से आए थे. पुलिस मौके पर बिल्कुल नहीं थी, जबकि हमने उनसे लगातार संपर्क करने की कोशिश की; फिर भी कोई जवाब नहीं मिला. अब पूरा देश और दुनिया देखेगी कि क्या राजस्थान पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करती है या नहीं. हमने अपने सभी वीडियो सार्वजनिक कर दिए हैं; अगर दूसरी तरफ़ के लोगों के पास कोई वीडियो है, तो उन्हें भी जारी करना चाहिए. लेकिन दुनिया देखेगी कि क्या राजस्थान पुलिस निष्पक्ष जांच करती है."

ये भी पढ़ें: स/रकारी स्कूल का जायजा लेने से पहले क्यों जरूरी है परमिशन ? CJP विवाद से समझिए पूरा नियम

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग

आशुतोष रांका ने एएनआई के साथ बातचीत में आगे कहा, "शुक्रवार को हमारी कानूनी टीम और हमले के शिकार लोग वहां मौजूद थे. हमने कल ही अपनी शिकायत दर्ज कराई थी, और मुझे बताया गया है कि FIR दर्ज कर ली गई है. हम डरने वाले लोग नहीं हैं, और न ही हम हिंसा का सहारा लेने या पीछे हटने वाले लोग हैं. हम स्कूल को ठीक कराने की लड़ाई लड़ रहे हैं, और उसी दृढ़ संकल्प के साथ यह लड़ाई जारी रखेंगे. मदन दिलावर ने असल में खुद ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है. अब पूरा देश राजस्थान भर के स्कूलों की दयनीय हालत देखेगा. उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा. हम रुकने, झुकने या डरने वाले लोग नहीं हैं. मैं खुद जल्द ही फिर से स्कूलों का दौरा करूंगा. यह मुद्दा अब सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगा; अब सीधे मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग होगी. आप अपनी जिम्मेदारियां ठीक से निभाने में नाकाम रहे हैं."


ये भी पढ़ें: आशुतोष रांका का दावा- जयपुर के हमले में CJP सदस्यों की हत्या हो सकती थी, पर हम डरने वाले नहीं हैं ; सच सामने लाएंगे


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >