Today Newsletter: झारखंड के बूढ़ा पहाड़ से नक्सलियों का कैसे हुआ सफाया? पढ़ें अब तक की 5 बड़ी खबरें

Today Newsletter, 27 january 2023: झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश समेत समूची हिंदी पट्टी की बड़ी खबरें आपको इस Newsletter में मिलेंगी. इसमें आपको Life Style news, National news, International news, Sports News, Hyperlocal News पढ़ने को मिलेंगी.

झारखंड के बूढ़ा पहाड़ से नक्सलियों का कैसे हुआ सफाया? DGP ने बतायी पूरी कहानी, पढ़ें

झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्र के नक्सलियों का शरणास्थली रहा गढ़वा की टेहरी पंचायत स्थित बूढ़ा पहाड़ आज नक्सलियों से खाली है. शुक्रवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी बूढ़ा पहाड़ पहुंचे. यहां पहुंचकर उन्होंने झंडोत्तोलन किया. इस मौके पर उन्होंने 100 करोड़ रुपये के बूढ़ा पहाड़ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की शुरुआत की. झारखंड डीजीपी नीरज सिन्हा भी इनके साथ मौजूद रहे. विस्तृत खबर

Aligarh News: AMU में गणतंत्र दिवस पर लगे धार्मिक नारे, आरोपी छात्र की हुई पहचान, यूनिवर्सिटी ने किया सस्पेंड

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में गणतंत्र दिवस पर एनसीसी कैडैट्स के कैंपस में धार्मिक नारे लगने का मामला सामने आया. एएमयू कैंपस में कुछ एनसीसी कैडेट्स ने एएमयू जिंदाबाद के साथ धार्मिक नारा, नारा-ए-तकवीर अल्लाह हू अकबर भी बोला. इसका एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने पर एएमयू के पूर्व छात्र और भाजपा नेता निशित शर्मा ने ट्विटर पर पुलिस से शिकायत की. जिसके बाद आरोपी छात्र की आज पहचान हो गई है. एएमयू प्रॉक्टर मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि आरोपी छात्र की पहचान हो गई है. विस्तृत खबर

CM नीतीश कुमार को कुशवाहा का जवाब, बोले- पार्टी में मेरी बात नहीं मानी गयी, बिना हिस्सा लिए जाउंगा कैसे

बिहार में इन दिनों सीएम नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा को लेकर बिहार की राजनीति में खूब चर्चा हो रही है. आज उपेंद्र कुशवाहा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया के सामने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि मुझे यह बताया जाय कि मैं अपनी बात कहां रखूं. बार-बार कहने के बाद भी राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक नहीं की जा रही है. आखिर जब बैठक ही नहीं होगी तो अपनी बात मैं किस मंच पर रखूंगा. विस्तृत खबर

India China Border Dispute: लद्दाख में भारतीय-चीनी सैनिकों के बीच और झड़प की संभावना, रिपोर्ट में दावा

 वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति बहाली के उपायों को विकसित करने में हमेशा ही भारत पहल करता रहा है. हालांकि, चीन की ओर से लगातार घुसपैठ की कोशिश से जुड़ी खबरें सुर्खियां बनती है. दरअसल, चीन कहता कुछ है और करता कुछ है, जिसे भारत भी बेहद अच्छे से समझने लगा है. इन सबके बीच, लद्दाख में भारत और चीन के सैनिकों के बीच सीमा पर और अधिक झड़प की संभावना जताई जा रही है. विस्तृत खबर

अडाणी ग्रुप की कंपनियों का घाटा 50 अरब डॉलर तक कमाई घटी, एशिया का सबसे अमीर आदमी पर बढ़ा दबाव

अमेरिकी वित्तीय शोध कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने के बाद एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अडाणी के अडाणी ग्रुप की कंपनियों को बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में करीब 50 बिलियन डॉलर तक नुकसान उठाना पड़ा है. अडाणी ग्रुप की सात सूचीबद्ध कंपनियों को संयुक्त रूप से बाजार पूंजीकरण में बुधवार तक करीब 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद इन कंपनियों के शेयरों की बिकवाली बढ़ने से इनके बाजार पूंजीकरण में तेजी से गिरावट दर्ज की गई. विस्तृत खबर

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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