लोकसभा में इमिग्रेशन बिल पास, गृह मंत्री शाह बोले- भारत कोई धर्मशाला नहीं…घुसने नहीं दिया जाएगा

Immigration And Foreigners Bill 2025: लोकसभा में गुरुवार को इमिग्रेशन बिल पास कर दिया गया. इमिग्रेशन और विदेशी विधेयक 2025 पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, भारत कोई धर्मशाला नहीं है.

Immigration And Foreigners Bill 2025 : लोकसभा में इमिग्रेशन बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “यह देश कोई धर्मशाला नहीं है, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा करने वालों को घुसने नहीं दिया जाएगा.”

अमित शाह ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा- “बांग्लादेशी घुसपैठिए हों या रोहिंग्या, पहले वे असम के रास्ते भारत में प्रवेश करते थे जब कांग्रेस सत्ता में थी. अब वे पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में प्रवेश करते हैं जहां टीएमसी सत्ता में है. उन्हें आधार कार्ड, नागरिकता कौन जारी करता है? पकड़े गए सभी बांग्लादेशियों के पास 24 परगना जिले के आधार कार्ड हैं. आप (टीएमसी) आधार कार्ड जारी करते हैं और वे वोटर कार्ड लेकर दिल्ली आते हैं. 2026 में पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी और हम इसे खत्म कर देंगे.”

पश्चिम बंगाल सरकार घुसपैठियों पर मेहरबान : अमित शाह

लोकसभा में आव्रजन और विदेशी विधेयक, 2025 पर जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “450 किलोमीटर की बाड़ लगाने का काम लंबित है क्योंकि पश्चिम बंगाल सरकार इसके लिए जमीन नहीं दे रही है. जब भी बाड़ लगाने की प्रक्रिया होती है, तो सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ता गुंडागर्दी और धार्मिक नारे लगाते हैं. 450 किलोमीटर की सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा नहीं हुआ है क्योंकि पश्चिम बंगाल सरकार घुसपैठियों पर मेहरबान है.”

NGO द्वारा लिखे गए भाषण पढ़ते हैं राहुल गांधी : अमित शाह

लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “चूंकि राहुल गांधी INDI गठबंधन के नेता बन गए हैं, इसलिए वे सरकार के अलावा NGO द्वारा जारी किए गए डेटा को भी देखते हैं. कभी-कभी, वे NGO द्वारा लिखे गए भाषण भी पढ़ते हैं.”

इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल पर क्या बोले कांग्रेसी सांसद

इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल, 2025 पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला ठीक है, हम इसका स्वागत करते हैं. अगर कोई व्यक्ति सरकार की आलोचना करता है, तो उसे भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती है. हमने ऐसे कई उदाहरण देखे हैं. मुझे लगता है कि यह सरकार इस नए विधेयक के साथ भी ऐसा ही करने जा रही है. प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि आलोचना लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन हमें सदन में आलोचना का कोई माहौल नहीं दिखता.”

बिल को संसदीय समिति के पास भेजा जाता तो बेहतर होता : मनीष तिवारी

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने आव्रजन एवं विदेशी विधेयक, 2025 पर कहा, “दुर्भाग्य से गृह मंत्री की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस विधेयक में कई खामियां हैं, यह नागरिक स्वतंत्रता पर आघात करता है और विधेयक में संतुलन का अभाव है। अगर इसे संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा जाता तो बेहतर होता.”

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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