जंतर-मंतर पर I-N-D-I-A का प्रदर्शन: 'बीजेपी सांसद वहां से भाग गये', संसद सुरक्षा चूक पर बोले राहुल गांधी

संसद से सांसदों के निलंबन पर पर I-N-D-I-A गठबंधन एक साथ आज जंतर-मंतर पर धरना दे रहा है. प्रदर्शन स्थल पर सांसद लगातार मामले को लेकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं. जानें किसने क्या कहा

I-N-D-I-A गठबंधन दल ने सांसदों के निलंबन के खिलाफ जंतर-मंतर पर गुरुवार को धरना दिया. धरना स्थल पर पहुंचे सांसद लगातार मामले को लेकर मोदी सरकार पर हमला करते नजर आए. कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा है कि इस देश में लोकतंत्र को कायम रखने के लिए जरूरी है कि जितने प्रगतिशील राष्ट्रवादी संगठन हैं वह एक साथ आएं. यही नहीं एक आवाज में मैसेज आगे बढ़ाएं दें. वहीं राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या हो गई है. अब लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने की जरूरत है. उन्होंने पीएम मोदी पर हमला करते हुए कहा कि वे विदेश जाते हैं तो सीना ठोककर बोलते हैं कि ‘लोकतंत्र की जननी’ से आया हूं, अब क्या सीना ठोकेंगे पीएम साहब?

धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि कुछ युवक संसद में घुस गये. संसद सुरक्षा चूक मामले पर उन्होंने कहा कि बीजेपी सांसद वहां से भाग गये. संसद में कलर स्मोक छोड़ा गया. वो संसद भवन के अंदर कुछ भी ला सकते थे. देश बेरोजगारी से जूझ रहा है. देश आज इंस्टाग्राम में बिजी है. युवा 7 घंटे से ज्यादा मोबाइल पर बिजी है.

उन्होंने ये विरोध क्यों किया?

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि कुछ दिन पहले संसद भवन में दो-तीन युवा कूदकर अंदर पहुंच गये. उन्हें कूदते हुए हम सबने देखा. वे अंदर आए, उन्होंने थोड़ा धुआं फैलाया, बीजेपी के सभी सांसद भाग गए… जो अपने आप को देश भक्त कहते हैं उनकी हवा निकल गई… वे अंदर कैसे आए? संसद के अंदर वे गैस छोड़ने वाला पदार्थ ले आए?… उन्होंने ये विरोध क्यों किया? उसका कारण क्या था? बेरोज़गारी!… इस देश का युवा आज रोजगार नहीं पा सकता है…

मोदी जी को इतना घमंड आया कि…

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है. ये जात-पात की राजनीति कर रहे हैं. लोकतंत्र में सबको बोलने का हक है. सांसदों के निलंबन पर सब चुप रहे है. जो सांसद सदन में चुप थे, उन्हें भी सस्पेंड कर दिया गया. उन्होंने कहा कि मोदी जी हमें दबाने की कोशिश मत करो. विपक्ष दबने वाला नहीं. मोदी जी को इतना घमंड आया कि वे कह रहे हैं कि हम चार सौ सीट जीतेंगे. ऐसा क्या है जो वे इतनी सीट जीतेंगे. खरगे ने कर्नाटक और हिमाचल के साथ-साथ तेलंगाना का जिक्र किया और कहा कि जनता आपको पहचान गई है.

हम एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं : जेएमएम सांसद महुआ माजी

सांसदों के सामूहिक निलंबन के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के विरोध में शामिल जेएमएम सांसद महुआ माजी ने कहा कि विरोध करने के कई तरीके हैं. इसलिए यहां, हम एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं. इससे पहले विपक्षी सांसदों ने दोनों सदनों से सदस्यों के निलंबन पर विरोध जताते हुए गुरुवार को संसद भवन से एक मार्च निकाला जो विजय चौक पर संपन्न हुआ.

I-N-D-I-A गठबंधन के दल सांसदों के निलंबन के खिलाफ जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी पहुंचे हैं.

संसदीय प्रणाली में लोगों के विश्वास के साथ विश्वासघात

सांसदों के बड़े पैमाने पर निलंबन के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के विरोध पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि विपक्ष की ओर से गृह मंत्री से बयान मांगना स्वाभाविक था.. लेकिन सरकार हमारे अनुरोध पर ध्यान नहीं देने पर अड़ी हुई थी. इसलिए संसद के अंदर विरोध प्रदर्शन किये गये. उन्होंने कहा कि सरकार एक संसद बनाना चाहती है जो बिना किसी चर्चा के केवल उनके सभी कानूनों पर मुहर लगाने वाला सदन होगा… इसलिए वे चाहते हैं कि संसद बिल्कुल चीन या उत्तर कोरिया की तरह हो… यह संसदीय प्रणाली में लोगों के विश्वास के साथ विश्वासघात है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >