MEA On Middle East: विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को बताया कि अब तक 11 भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकल चुके हैं, जबकि 13 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं. उन्होंने कहा कि भारत सरकार ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है ताकि बाकी जहाज भी सुरक्षित तरीके से निकल सके. होर्मुज में ईरान और अमेरिका के बीच पहले युद्ध उसके बाद तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही बंद है.
होर्मुज पार कर 11 जहाज पहुंचे हैं भारत
अमेरिका ईरान तनाव के बीच भारतीय ध्वज वाले 11 जहाज अब तक होर्मुज पार कर भारत पहुंच चुके हैं. इनमें सबसे पहले आने वालों में एमटी शिवालिक और नंदा देवी शामिल हैं. इसके बाद जग वसंत, जग विक्रम, पाइन गैस, बीडब्ल्यू टायर, बीडब्ल्यू एल्म, जग लाडकी, देश गरिमा, ग्रीन साल्वी, CMA CGM डायमंड शामिल हैं.
भारतीय जलक्षेत्र से गुजरने पर क्या कहा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जायसवाल से उन खबरों पर सवाल किया गया, जिनमें दावा किया गया था कि ईरानी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी से बचने के लिए पाकिस्तानी और फिर भारतीय जलक्षेत्र का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस पर उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में किसी भी देश के जहाजों को आवाजाही के लिए अनुमति की जरूरत नहीं होती. हालांकि, भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश के सवाल को उन्होंने तकनीकी मामला बताते हुए कहा कि इसका जवाब जहाजरानी मंत्रालय या संबंधित तकनीकी अधिकारी ही दे सकते हैं.
ईरान के साथ जारी है बातचीत- विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
मीडियो से बात करते हुए जायसवाल ने कहा- ईरानी अधिकारियों के साथ हमारी राजनयिक बातचीत चल रही है. इसके सकारात्मक परिणाम भी मिले हैं. अब तक 11 भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं और बाकी जहाजों को भी सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं. फारस की खाड़ी में फिलहाल भारत के 13 जहाज मौजूद हैं. उनकी निकासी के लिए ईरानी अधिकारियों से लगातार बातचीत चल रही है.
सभी भारतीय नाविक सुरक्षित
इससे पहले बुधवार को बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय में जहाजरानी निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने कहा था कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. उन्होंने बताया कि पिछले 48 घंटों में किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है. प्रेस ब्रीफिंग में शर्मा ने यह भी बताया कि मंत्रालय अब तक 2,999 से अधिक नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी में मदद कर चुका है.
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