Hindi Vs Marathi Language Row: ‘हिम्मत है तो मुकेश अंबानी के पास जाओ,’ भाषा विवाद पर निशिकांत ने ठाकरे बंधुओं को ललकारा

Hindi Vs Marathi Language Row: महाराष्ट्र में हिंदी और मराठी भाषा को लेकर विवाद चरम पर है. अब इस विवाद में झारखंड से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे भी उतर गए हैं. उन्होंने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे को निशाने पर लिया है. उन्होंने अपने पहले के बयान को फिर से दोहराया है और कहा कि अगर ठाकरे बंधु दूसरे राज्य गए तो उन्हें लोग पटक-पटककर मारेंगे.

Hindi Vs Marathi Language Row: महाराष्ट्र भाषा विवाद पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, “आप गरीबों को पीटते हैं, लेकिन मुकेश अंबानी वहीं रहते हैं, मराठी बहुत कम बोलते हैं. अगर हिम्मत है, तो उनके पास जाओ. माहिम में मुस्लिम आबादी ज्यादा है, अगर हिम्मत है, तो वहां जाओ. एसबीआई चेयरमैन मराठी नहीं बोलते, उन्हें पीटने की कोशिश करो.” दुबे ने कहा, जिस तरह से ठाकरे बंधुओं को अपनी भाषा से प्यार है, उसी तरह से बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान के लोगों में भी अपनी भाषा के प्रति प्यार है. तो किसी भाषा के आधार पर ठाकरे परिवार लोगों के साथ मारपीट करते हैं. ये हमारे बर्दाश्त से बाहर है.

अपने पहले वाले बयान पर कायम हैं निशिकांत दुबे

हिंदी-मराठी भाषा विवाद पर अपने पहले के बयान पर, उन्होंने कहा, “मैंने एक बात कही थी और उसे तोड़मरोड़ कर पेश किया गया. इस देश की अर्थव्यवस्था में महाराष्ट्र का बहुत बड़ा योगदान है, लेकिन मैं यह कह रहा हूं कि मुंबई या महाराष्ट्र द्वारा दिए गए टैक्स में हमारा भी योगदान है. इसका ठाकरे परिवार या मराठाओं से कोई लेना-देना नहीं है. एसबीआई और एलआईसी, जो टैक्स देते हैं, उनका मुख्यालय मुंबई में है. सिक्किम के लोग भी अपना पैसा एसबीआई में जमा करते हैं. उनका पैसा भी वहीं है. लेकिन उसका टैक्स महाराष्ट्र के खाते में जाता है. आप गरीबों को पीटते हैं. लेकिन मुकेश अंबानी वहीं रहते हैं, मराठी बहुत कम बोलते हैं. अगर हिम्मत है, तो उनके पास जाओ.” माहिम “जहां मुस्लिम आबादी ज्यादा है, हिम्मत है तो वहां जाओ. एसबीआई चेयरमैन मराठी नहीं बोलते, उन्हें ठोक कर देखो.”

महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में गरीबों का योगदान

निशिकांत दुबे ने कहा, मेरा कहना है कि जो गरीब आदमी है, जो महाराष्ट्र कमाने-खाने गया है. उसका महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में योगदान है. उसके साथ मारपीट करना गलत है. दुबे ने ठाकरे बंधुओं को चेतावनी देते हुए फिर से दोहराया कि अगर उद्धव और राज ठाकरे किसी को डराकर-धमकाकर राजनीति करना चाहेंगे, तो ये नहीं होने देंगे.

अपने घर में तो कुत्ता भी शेर होता है : निशिकांत दुबे

सांसद निशिकांत दुबे ने इससे पहले भाषा विवाद पर पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, “हिंदी भाषी लोगों को मुंबई में मारने वालों में अगर हिम्मत है तो महाराष्ट्र में उर्दू भाषियों को मार कर दिखाओ. अपने घर में तो कुत्ता भी शेर होता है? कौन कुत्ता है, कौन शेर है, खुद ही फैसला कर लो.’’

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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