Himachal Heavy Rain: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भारी बारिश के कारण सोमवार तड़के सुतांह गांव में एक मकान के ऊपर एक चट्टान गिर गई, जिससे नवविवाहित दंपति की मौत हो गई. उनकी पहचान सनी और पल्लू के रूप में की गई है.
471 सड़कें और स्कूल बंद
हिमाचल में भारी बारिश के कारण 471 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, स्कूलों को बंद कर दिया गया है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. अधिकारियों ने भारी बारिश के बाद भूस्खलन और सड़कें अवरुद्ध होने के कारण राज्य के चार जिलों के कई उप-विभागों में स्कूल सोमवार को बंद रहेंगे. शिमला जिले के ठियोग, रोहड़ू, जुब्बल, चौपाल और कुमारसैन, मंडी जिले के थुनाग और करसोग, कुल्लू जिले के आनी और सिरमौर जिले के शिलाई में शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं. हालांकि, देरी से की गई घोषणा के कारण छात्रों और अभिभावकों को असुविधा हुई.
हिमाचल प्रदेश के 5 जिलों में भारी से बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी
हिमाचल प्रदेश के मौसम विभाग ने शिमला, कांगड़ा, चंबा, सिरमौर और मंडी सहित राज्य के 12 जिलों में से पांच में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है.
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भारी बारिश से भारी नुकसान
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, 471 प्रभावित सड़कों में सबसे अधिक 310 सड़कें मंडी जिले में हैं तथा 1,199 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर और 676 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं. अधिकारियों ने कहा कि सड़क पर लगातार मलबा गिरने से राष्ट्रीय राजमार्ग 707 (हाटकोटी से पांवटा साहिब) सिरमौर जिले में शिलिया के पास बंद है, मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग 4-मील और 9-मील के पास अवरुद्ध है, जिससे वाहनों का आवागमन बाधित हो रहा है और पठानकोट-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग भी अवरुद्ध है.
भारी बारिश से नकरोड़-थल्ली पुल बह गया
मंडी में थलोट के पास भूस्खलन में एक वाहन दब गया, जबकि चंबा जिले में नकरोड़-थल्ली पुल बह गया। शिमला में जुब्बड़हट्टी मार्ग बंद होने वाले कार्यालय जाने वाले लोग घंटों फंसे रहे. रविवार रात से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है. कांगड़ा में सबसे अधिक 147.4 मिमी बारिश हुई, उसके बाद नगरोटा सूरियां (127.4 मिमी), चुवाड़ी (118.3 मिमी), मंडी (112.4 मिमी), जोगिंदरनगर (100 मिमी), नाहन (95.7 मिमी) और पंडोह (86 मिमी) आदि में बारिश हुई.
20 जून के बाद बारिश की वजह से अब तक 72 लोगों की मौत
मानसून की 20 जून को शुरुआत के बाद से राज्य भर में बारिश से संबंधित घटनाओं में 72 लोगों की मौत हो गई है और 34 लापता हैं. विभाग ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में इस मानसून में 34 बार अचानक बाढ़, 22 बार बादल फटने और 21 बार भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं, जिससे लगभग 1,235 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
