Morbi Bridge Collapse: मोरबी पुल हादसे में कुल 135 लोगों की मौत, सर्च ऑपरेशन खत्म

जिला कलेक्टर जीटी पंड्या ने बताया, मोरबी हादसे में कुल 135 लोगों की मौत हुई है. सर्च ऑपरेशन समाप्त हो चुका है, लेकिन हमारा नियंत्रण कक्ष अभी भी चालू है. लोग हमें ऐसी सभी जानकारी दे सकते हैं, हम उचित प्रक्रिया के साथ उसका पालन करेंगे. उन्हें कहा, मुझे यकीन है कि कोई और शव नहीं है.

गुजरात के मोरबी में पुल हादसे में कुल 135 लोगों की मौत हुई है. यह जानकारी जिला कलेक्टर जीटी पंड्या ने दी. उन्होंने बताया, पुल हादसे में अब कोई लापता नहीं है.

नियंत्रण कक्ष अभी भी चालू

जिला कलेक्टर जीटी पंड्या ने बताया, मोरबी हादसे में कुल 135 लोगों की मौत हुई है. सर्च ऑपरेशन समाप्त हो चुका है, लेकिन हमारा नियंत्रण कक्ष अभी भी चालू है. लोग हमें ऐसी सभी जानकारी दे सकते हैं, हम उचित प्रक्रिया के साथ उसका पालन करेंगे. उन्हें कहा, मुझे यकीन है कि कोई और शव नहीं है.

Also Read: मोरबी पुल हादसा : ओरेवा ग्रुप के मैनेजर ने कोर्ट में मौत के तांडव को ‘एक्ट ऑफ गॉड’

एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना गलत

जिला कलेक्टर जीटी पंड्या ने बताया, एक व्यक्ति के लापता होने की जो खबर मिल रही है, वह वास्तव में गलत सूचना थी. उन्होंने आगे बताया, पुलिस ने रिपोर्ट सौंपी कि फोन कॉल पर एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना दी गयी थी, वहीं फर्जी कॉल थी. हमने उस नंबर पर संपर्क किया, यहां तक कि परिवार के सदस्यों से भी. उस नाम का कोई व्यक्ति नहीं है.

मोरबी हादसे में 170 लोगों को बचाया गया

गौरतलब है कि गुरुवार की शाम गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी पर हैंगिंग ब्रिज टूट गयी, जिसमें 135 लोगों की मौत हो गयी. हालांकि बचाव कार्य में सेना के जवान और एनडीआरएफ की टीम ने संयुक्त अभियान में 170 लोगों को बचा लिया था. हादसा उस समय हुआ जब कथित रूप से पुल पर एक साथ 400 से अधिक लोग सवार हो गये थे. मालूम हो मोरबी हैंगिंग ब्रिज को 7 महीने के बाद फिर से आम लोगों के लिए खोला गया था. जिसके बाद यह हादसा हुआ. इस मामले में ओरेवा समूह ग्रुप के चार कर्मियों समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. ब्रिटिश काल के दौरान बने इस पुल के रख-रखाव और संचालन का ठेका ओरेवा समूह को मिला था.

मोरबी पहुंचकर पीएम मोदी ने ली हादसे की पूरी जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोरबी पहुंचकर हादसे की पूरी जानकारी ली थी और घायलों से भी मिले. पीएम मोदी ने मृतकों के परिजन से भी मुलाकात की. इससे पहले पीएम मोदी ने मृतकों के परिजन के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की थी. जबकि गुजरात सरकार ने 4-4 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की थी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >