Morbi Bridge Collapse: मोरबी हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 134 हुई, घटना स्थल पर जायेंगे पीएम मोदी

एनडीआरएफ की पांच टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं. इसकेअलावा वायुसेना और नौसेना की भी दो टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं. दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि लोगों को नदी से निकालने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है. अधिकारी ने कहा, हम नावों की मदद से बचाव कार्य कर रहे हैं.

गुजरात के मोरबी में केबल पुल टूटने से महिलाओं एवं बच्चों सहित 134 लोगों की अबतक मौत हो चुकी है. जबकि अब भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. इस खबर आ रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 नवंबर को घटनास्थल का दौरा करेंगे और हादसे के बारे पूरी जानकारी लेंगे. इस बीच एसआई की टीम ने हादसे की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों के अनुसार हादसे में मरने वालों की संख्या अब भी बढ़ सकती है. बचावकर्मियों ने करीब 177 लोगों को बचा लिया है.

गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने बताया, घायलों के इलाज में लगायी गयी डॉक्टरों की 108 टीमें

गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा, मौके पर 108 डॉक्टरों की टीम तैनात है. घायलों का इलाज सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में किया जा रहा है.

हेल्पलाइन नंबर जारी

गुजरात मोरबी पुल हादसे को लेकर राज्य सरकार की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है. हेल्पलाइन नंबर 0282224330 है.

हादसे की जांच के लिए हाईपावर कमेटी गठित

गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने बताया, मोरबी पुल हादसे में अबतक 134 लोगों की मौत हो चुकी है. उन्होंने बताया कि पुल में करीब 210 लोग एक साथ मौजूद थे. हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुल में एक साथ 400 से अधिक लोग सवार थे. उन्होंने कहा, राज्य सरकार ने बचाव कार्य बहुत जल्द शुरू किया. सभी जिलों से डॉक्टरों की टीमें तैनात कर दी गयीं थी. सभी निजी अस्पतालों को घायलों के इलाज के लिए निर्देश दे दिया गया था. मुख्यमंत्री ने एक हाईपावर कमेटी गठन किया है, जो हादसे की पूरी जांच करेगी और सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी.

मरम्मत कार्य करने वाली कंपनी के खिलाफ केस दर्ज

हैंगिंग ब्रिज के मरम्मत कार्य करने वाली कंपनी के खिलाफ गुजरात सरकार ने केस दर्ज कराया है. कंपनी के खिलाफ धारा 304, 308, 114 के तहत केस दर्ज किया गया है. गुजरात केगृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा, हादसे के पीछे लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

एनडीआरएफ की पांच टीमें बचाव कार्य में जुटीं

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की पांच टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं. इसकेअलावा वायुसेना और नौसेना की भी दो टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं. दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि लोगों को नदी से निकालने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है. अधिकारी ने कहा, हम नावों की मदद से बचाव कार्य कर रहे हैं.

एक सदी पुराना था मोरबी केबल पुल

अधिकारियों के अनुसार यह पुल करीब एक सदी पुराना था और मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य के बाद हाल ही में इसे जनता के लिए खोला गया था. अधिकारियों ने कहा कि जनता के लिए चार दिन पहले ही फिर से खोले गए इस पुल पर लोगों की काफी भीड़ थी. उन्होंने बताया कि पुल शाम करीब साढ़े छह बजे टूट गया.

प्रत्यक्षदर्शियों ने हादसे के बारे क्या बताया

प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि अंग्रेजों के समय के इस हैंगिंग ब्रिज पर उस समय कई महिलाएं और बच्चे थे, जब वह टूट गया. इससे लोग नीचे पानी में गिर गए. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि कुछ लोगों को पुल पर कूदते और उसके बड़े तारों को खींचते हुए देखा गया. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि पुल उस पर लोगों की भारी भीड़ के कारण टूट कर गिर गया हो. उन्होंने बताया कि पुल गिरने के चलते लोग एक दूसरे के ऊपर गिर पड़े. एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, मैं अपने कार्यालय समय के बाद दोस्तों के साथ नदी के किनारे आया था जब हमने पुल के टूटने की आवाज सुनी. हम वहां पहुंचे और लोगों को बचाने के लिए पानी में कूद गए. हमने कुछ बच्चों और महिलाओं को बचाया. घटना में घायल हुए एक व्यक्ति ने कहा कि दुर्घटना अचानक हुई और हो सकता है कि यह हादसा पुल पर बहुत अधिक लोगों के कारण हुआ हो.

26 अक्टूबर को गुजराती नववर्ष पर जनता के लिए फिर से खोला गया था

एक निजी संचालक ने लगभग छह महीने तक पुल की मरम्मत का काम किया था. पुल को 26 अक्टूबर को गुजराती नववर्ष दिवस पर जनता के लिए फिर से खोला गया था.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

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