विशाखापत्तनम के दिल दहला देने वाले मंजर ने 1984 के भोपाल गैस त्रासदी की भयावह यादें ताजा कीं

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में गैस रिसाव के बाद दिल दहलाने वाले इस मंजर ने 1984 भोपाल गैस त्रासदी की भयावह यादें ताजा करा दीं.

विशाखापत्तनम : अपने बेहोश बच्चों को गोद में उठाए मदद के लिए बदहवास घूम रहे माता-पिता, सड़कों पर पड़े लोग, पीड़ितों को जल्द से जल्द चिकित्सकीय सहायता देने की कोशिश में जुटे स्वास्थ्यकर्मी और घटनास्थल से जान बचाकर भाग रहे लोग… आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में गैस रिसाव के बाद दिल दहलाने वाले इस मंजर ने 1984 भोपाल गैस त्रासदी की भयावह यादें ताजा करा दीं. एलजी पॉलिमर्स रासायनिक संयंत्र से हुए स्टाइरीन वेपर रिसाव के बाद यह मार्मिक दृश्य देखने को मिले.

Also Read: Vizag Gas Leak: जहरीली गैस को बेअसर करने वाला रसायन विशाखापत्तनम भेजेगा गुजरात, अब तक 11 की गयी जान

संयंत्र से गैस का रिसाव गुरुवार तड़के उस समय हुआ, जब लोग सो रहे थे. इस रिसाव के बाद सांस लेने के लिए संघर्ष कर रहीं महिलाओं और बच्चों को सड़कों पर पड़े देखा गया. इन दृश्यों ने उस भीषण भोपाल गैस त्रासदी की याद दिला दी, जब यूनियन कार्बाइड के संयंत्र से गैस रिसाव के कारण करीब 3,500 लोगों की जान चली गयी थी और कई लोग शारीरिक रूप से अक्षम हो गये थे.

विशाखापत्तनम में गैस रिसाव से सर्वाधिक प्रभावित हुआ गोपालपत्तनम गांव मदद के लिए गुहार लगा रहे लोगों की चीखों से सिहर उठा. गांव के एक निवासी ने बताया कि कई लोग नींद में ही बेहोश हो गए. रिसाव के कारण प्रभावित हुए लोगों को ऑटोरिक्शा और दो पहिया वाहनों से अस्पताल ले जाया गया.

विशाखापत्तनम कलेक्टर विनय चंद ने बताया कि गैस रिसाव की जानकारी मिलते ही 20 एम्बुलेंस घटनास्थल पर भेजी गयी. स्टाइरीन के संपर्क में आने से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो सकता है. इससे सिर दर्द, थकान, कमजोरी और अवसाद जैसी समस्या पैदा हो सकती है. इसे पॉलीस्टीरीन प्लास्टिक या रेजिन बनाने में इस्तेमाल किया जाता है.

बता दें कि आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में रसायनिक संयंत्र से हुए गैस रिसाव से मरने वालों की संख्या आठ हो गयी है, जबकि कई लोगों को सांस लेने में तकलीफ और अन्य दिक्कतें आ रही हैं. आंध्र प्रदेश सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं. प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डी गौतम स्वांग ने बताया कि मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने हालात का जायजा लेने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की थी और मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

विशाखापत्तनम के पास गोपालपत्तनम के तहत आने वाले वेंकेटपुरम गांव में स्थित एलजी पॉलिमर्स लिमिटेड के संयंत्र से स्टाइरीन गैस के रिसाव के कारण 11 लोगों की मौत हो गयी. घटना बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे की है.

इसके बाद सड़क किनारे और नालों के पास लोग बेहोशी की हालत में पड़े मिले, जिससे बड़ी औद्योगिक आपदा के अंदेशे को बढ़ा दिया है. स्टाइरीन रसायन का इस्तेमाल सिंथेटिक रबड़ और रेजिन बनाने में किया जाता है. इसके असर से मवेशी और परिंदे भी नहीं बचे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Published by: Prabhat Khabar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >