भारत की उर्वरक सुरक्षा के लिए बड़ी राहत की खबर है. यूरिया, डाय-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) और सल्फर की महत्वपूर्ण खेप लेकर चार मालवाहक जहाज पिछले सप्ताह सफलतापूर्वक होर्मुज पार कर चुके हैं. वैश्विक व्यापार और क्षेत्रीय तनाव की चुनौतियों के बीच ये जहाज अब देश के विभिन्न बंदरगाहों (कृष्णापट्टनम, काकीनाडा, पारादीप और मुंद्रा) की ओर बढ़ रहे हैं. इन जहाजों के पहुंचते ही उर्वरकों की खेप उतारी जाएगी, जिससे देश में उपलब्ध भंडार को और मजबूत किया जा सकेगा. इससे किसानों की जरूरतों को पूरा करने और आगामी कृषि सीजन के लिए उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.
22 जून 2026 तक भारत का कुल उर्वरक भंडार 196.08 लाख टन पर पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में उपलब्ध 168.67 लाख टन की तुलना में काफी अधिक है.
| उर्वरक | 22 जून 2026 का स्टॉक (लाख टन) | पिछले वर्ष का स्टॉक (लाख टन) | बदलाव |
|---|---|---|---|
| यूरिया (Urea) | 81.44 | 69.21 | +12.23 |
| डीएपी (DAP) | 20.92 | 16.00 | +4.92 |
| एनपीके (NPKs) | 55.91 | 46.13 | +9.78 |
| एमओपी (MOP) | 12.68 | 10.68 | +2.00 |
| एसएसपी (SSP) | 25.13 | 26.65 | -1.52 |
कृषि क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों का असर उर्वरकों की बिक्री पर भी दिख रहा है. 1 मार्च 2026 से 21 जून 2026 के बीच देश में कुल 153.4 लाख टन उर्वरकों की बिक्री हुई, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में हुई 140.2 लाख टन बिक्री की तुलना में 13.2 लाख टन अधिक है. कुल बिक्री में 79.1 लाख टन यूरिया, 34.8 लाख टन एनपीके तथा 19.8 लाख टन डीएपी (टीएसपी सहित) शामिल हैं. यह आंकड़े किसानों की बढ़ती मांग और कृषि क्षेत्र की मजबूत रफ्तार को दर्शाते हैं.
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सरकार ने किसानों के हित में उठाया कदम
दुनिया भर में सप्लाई और कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने एक तरफ देश में उर्वरकों का उत्पादन बढ़ाया, तो दूसरी तरफ जरूरत के हिसाब से विदेशों से भी खाद मंगाई. इसी का नतीजा है कि संकट के बाद देश में 133.12 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का उत्पादन हुआ, जबकि 43.69 लाख मीट्रिक टन उर्वरक विदेशों से आयात किए गए.
