कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद में सोमवार को खुलकर बात की. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब घर के लोग पराया समझने लगें तो घर छोड़ देना चाहिए. कांग्रेस में हमारे एक भी सुझाव नहीं माने गये. कांग्रेस में नकली मेंबर बनाये जा रहे हैं. कागज के मेंबर हवा में उड़ जाएंगे. उन्होंने कहा कि घरवालों ने मुझे घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया. उनकी नजरों में हम खटकते हैं.
इंदिरा गांधी के जमाने का मैं स्टार कैंपेन
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि इंदिरा गांधी के जमाने का मैं स्टार कैंपेनर था. चापलूसी करने वाले मुझपर कई तरह के आरोप लगा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए आजाद ने कहा कि मैं और पीएम मोदी एक घटना को लेकर भावुक हुए थे. कांग्रेस में चापलूसी करने वाले कई तरह के आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मोदी तो बहाना है, जी23 की चिट्ठी लिखे जाने के बाद से विवाद चल रहा था. वे कभी नहीं चाहते थे कि कोई उनसे सवाल करे. कांग्रेस में कई बैठकें हुईं, लेकिन मेरा एक भी सुझाव नहीं लिया गया. मुझे पार्टी छोड़ने पर मजबूर किया गया.
रिमोट कंट्रोल भाजपा के हाथ में
आपका रिमोट कंट्रोल भाजपा के हाथ में है’ के सवाल पर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि घर वालों ने घर छोड़ने पर मजबूर किया और जहां घर वालों को लगे कि यह आदमी नहीं चाहिए तो अकलमंदी खुद घर छोड़ने में है. जो शख्स अपनी स्पीच खत्म करने के बाद भरी सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गले मिले, तो वे मिले हैं या मैं मिला हूं ?
जयराम रमेश पर कटाक्ष
पूर्व कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने जयराम रमेश के संबंध में सवाल पूछे जाने पर कहा कि पहले वे अपना DNA चेक करवाएं कि कहां के हैं और किस पार्टी से हैं, वह देखें कि उनका DNA किस-किस पार्टी में रहा है. बाहर के लोगों को कांग्रेस का अता-पता नहीं है. चापलूसी और ट्विट कर जिन्हें पद मिले अगर वे आरोप लगाएं तो हमें दुख होता है.
