Foot and Mouth disease: से हर साल होता है 24 हजार करोड़ का नुकसान

केंद्र सरकार ने फुट एंड माउथ डिजीज से देश को मुक्त कराने के लिए वर्ष 2030 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए शनिवार को एक उच्च-स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया.

Foot and Mouth disease: देश में हर साल फुट एंड माउथडिजीज के कारण हजारों पशुओं की मौत हो जाती है. पशुधन के नुकसान से किसानों को आर्थिक नुकसान भी होता है. पशुधन की रक्षा और किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2030 तक फुट एंड माउथ डिजीज से देश को मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. शनिवार को केंद्रीय पशुपालन, मत्स्य एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने फुट एंड माउथ मुक्त भारत बनाने के कार्यक्रम की समीक्षा की. बैठक को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि पशुधन क्षेत्र सिर्फ अर्थव्यवस्था में ही अहम योगदान नहीं दे रहा है, बल्कि किसानों की आजीविका का भी प्रमुख साधन है. खासकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के आय का प्रमुख स्रोत है. पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर लोगों में कम जागरूकता एक चिंता का कारण है. 

एक्शन प्लान पर हुई चर्चा

फुट एंड माउथडिजीज से देश को मुक्त कराने के एक्शन प्लान पर चर्चा की गयी. बैठक में तय किया गया कि कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और गुजरात में सीरो-सर्वे के आधार पर विशेष जोन बनाने पर जोर दिया जाये, ताकि इस जोन में प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण कर क्षेत्र को फुट एंड माउथडिजीज मुक्त क्षेत्र घोषित किया जा सके. ऐसा होने से एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस रोग के कारण पशुधन क्षेत्र का विकास नहीं हो पा रहा है. सिर्फ फुट एंड माउथडिजीज के कारण ही सालाना 24 हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है. इस रोग पर रोकथाम और खात्मे से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी और लाखों किसानों को फायदा होगा. गौरतलब है कि देश के 21 राज्यों में फुट एंड माउथडिजीज के खिलाफ टीकाकरण का चौथा चरण पूरा हो चुका है और 82 करोड़ पशुओं का टीकाकरण हो चुका है.

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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