जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता (इंजीनियर-इन-चीफ) दिलीप कुमार राउत ने कहा, "कटक के पास मुंडाली में जलस्तर बढ़ा जरूर है, लेकिन महानदी में उफान का सबसे खतरनाक समय बीत चुका है. मुंडाली में अधिकतम जलस्तर करीब सात लाख क्यूसेक तक जा सकता है. इससे पहले गुरुवार रात को मुंडाली से सबसे अधिक 8.88 लाख क्यूसेक पानी बह चुका है."
हीराकुड बांध के 22 गेट खोलकर पानी छोड़े जाने के बाद, राज्य सरकार ने महानदी घाटी क्षेत्र के 10 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है. अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं क्योंकि बढ़ा हुआ जलस्तर खोरधा, कटक, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर के निचले क्षेत्रों में नुकसान पहुंचा सकता है.
ओडिशा के 21 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे तक अपनी चेतावनी में कहा है कि बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, सुंदरगढ़, अंगुल, ढेंकनाल, क्योंझर, मयूरभंज, कालाहांडी, नवरंगपुर, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, गजपति, गंजाम, पुरी, खोरधा और नयागढ़ जैसे 21 जिलों में तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ बारिश हो सकती है.
उत्तरी ओडिशा में बाढ़ से आठ लाख से अधिक आबादी प्रभावित
उत्तरी ओडिशा में बाढ़ से आठ लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुई है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि सालंदी, जलका, वैतरणी, ब्राह्मणी और बूढ़ाबलंग नदियों के उफान के कारण कई गांव अब भी जलमग्न हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि उत्तरी ओडिशा के जिलों में नदियों का जलस्तर तेजी से घट रहा है.
सीएम ने राहत और पुनर्वास कार्य में तेजी लाने का दिया निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित जिलों में राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने दो उपमुख्यमंत्रियों सहित कैबिनेट मंत्रियों को राहत कार्यों की कमान सौंपने को कहा है, जबकि अन्य मंत्रियों को बाढ़ राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करने का जिम्मा दिया गया है.
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