बुलेट ट्रेन की पहली झलक आई सामने, भगवा और सफेद कॉम्बिनेशन में दिखेगी रफ्तार की रानी

First Bullet Train of India: भारत में चलने वाली हाई स्पीड बुलेट ट्रेन की फोटो रेलवे मंत्रालय ने शेयर की है. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है.

First Bullet Train of India: मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना (Bullet Train) में तेजी से हो रही प्रगति के बीच रेल मंत्रालय ने बुलेट ट्रेन की तस्वीर शेयर की है. रेल मंत्रालय के गेट नंबर 4 पर भारत की बुलेट ट्रेन की पहली झलक दिखाया गया है. रेलवे मंत्रालय की ओर से संचालित यह परियोजना भारत की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाली मानी जा रही है.

जापान की मदद से बन रहा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर

मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना का निर्माण जापान सरकार की तकनीकी और वित्तीय सहायता से किया जा रहा है. यह करीब 508 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा. इस परियोजना के तहत मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती सहित कुल 12 स्टेशन बनाए जाने हैं.

सूरत-बिलिमोरा के बीच इस साल चल सकती है पहली बुलेट ट्रेन

रेल मंत्रालय ने कहा है कि इस साल सूरत और बिलिमोरा के बीच देश की पहली बुलेट ट्रेन सेवा शुरू की जा सकती है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फरवरी में संसद को बताया था कि 12 में से 8 स्टेशनों पर नींव का काम पूरा हो चुका है. इनमें वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, आनंद, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती स्टेशन शामिल हैं.

नदी पुलों और डिपो का निर्माण तेज

परियोजना के तहत अब तक 17 नदी पुलों का निर्माण पूरा किया जा चुका है. गुजरात में नर्मदा, माही, ताप्ती और साबरमती जैसी प्रमुख नदियों पर पुल निर्माण अब पूरा होने के कगार पर है. वहीं महाराष्ट्र में चार नदी पुलों पर कार्य जारी है. इसके अलावा ठाणे, सूरत और साबरमती डिपो पर भी काम तेजी से चल रहा है.

बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स का काम तेजी से जारी

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में सिविल काम ठीक तरीके से आगे बढ़ रहा है. खुदाई का काम लगभग 91 फीसदी पूरा हो चुका है और कंक्रीटिंग का काम विभिन्न चरणों में है, जिसमें लेवल-4 पर बेसमेंट स्लैब का निर्माण 100 फीसदी पूरा हो गया है. समुद्र के नीचे बनने वाली करीब 21 किमी लंबी सुरंग का काम भी शुरू हो गया है, जिसमें से महाराष्ट्र के घंसोली और शिलफाटा के बीच 4.8 किमी सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है.

भविष्य की हाई स्पीड रेल परियोजनाओं का बनेगा आधार

सरकार का मानना है कि इस परियोजना से ट्रैक निर्माण, उन्नत सिग्नलिंग, रोलिंग स्टॉक निर्माण, रखरखाव और परियोजना प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भारत को नई तकनीकी विशेषज्ञता मिलेगी. यह अनुभव भविष्य में देश में बनने वाले अन्य हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा.

मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा

बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत स्वदेशी तकनीक और निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है. इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के सहयोग से 280 किमी प्रति घंटे की डिजाइन गति वाले हाई स्पीड ट्रेन सेटों का डिजाइन और निर्माण कर रही है. सरकार का मकसद आयात पर निर्भरता कम करते हुए देश में हाई स्पीड रेल तकनीक को विकसित करना है.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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