फर्जी पैन कार्ड: कोर्ट ने आजम खान की सजा बढ़ाकर 10 वर्ष की, बेटे अब्दुल्ला आजम की सजा बरकरार

Fake PAN Card Case: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की एक अदालत ने शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आजम खान के दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में सजा सात वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष कर दी. जबकि उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की सात साल की सजा को बरकरार रखा गया है.

Fake PAN Card Case: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार ने अभियोजन पक्ष की उस अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया, जिसमें सजा बढ़ाने की मांग की गई थी. इससे पहले, एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट अदालत के शोभित बंसल ने दोनों को सात-सात साल के कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी.

आजम की सजा बढ़ाने के साथ कोर्ट ने जुर्माना भी बढ़ाया

अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा सिंह राणा ने शनिवार को बताया कि अदालत ने आजम खान पर विभिन्न धाराओं में दी गई सजा बढ़ाते हुए जुर्माना बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया है. उन्होंने बताया कि अब्दुल्ला आजम खान की सात वर्ष की सजा यथावत रखी गई है, लेकिन उन पर लगाया गया जुर्माना बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दिया गया है.

फर्जी पैन कार्ड तैयार करने और उपयोग करने का दोषी

राणा के अनुसार, यह मामला फर्जी पैन कार्ड तैयार करने और उनके उपयोग से संबंधित है, जिसमें दोनों को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है. उन्होंने बताया कि दोषसिद्धि के खिलाफ आरोपियों की अपील पहले ही 20 अप्रैल को सत्र न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गई थी. इसके बाद अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने की मांग की, जिसके बाद शनिवार को यह फैसला सुनाया गया. उधर, रामपुर से भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने इस आदेश को ऐतिहासिक बताया. सक्सेना ने दावा किया कि यह भारत में पहली ऐसी घटना है जिसमें सजा बढ़ाई गई है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >