दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी को जेफ्री एप्स्टीन से जोड़ने वाली सोशल मीडिया कंटेंट को 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया है. पुरी की बेटी को एपस्टीन से जोड़ने वाली पोस्ट पर कोर्ट ने रोक लगा दी है. अब कोई भी सोशल मीडिया यूजर ऐसा कंटेंट न तो पोस्ट कर सकेगा और न ही उसे शेयर कर पाएगा.
barandbench.com ने एक खबर प्रकाशित की है. इसमें बताया गया है कि कोर्ट ने साफ किया है कि अभी सोशल मीडिया पर कंटेंट हटाने का आदेश सिर्फ भारत में अपलोड और दिख रहे पोस्ट तक ही सीमित रहेगा. वहीं, पुरी ने मांग की है कि इस कंटेंट को पूरी दुनिया में ब्लॉक किया जाए.
जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने क्या कहा?
जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने आदेश दिया कि जिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और यूजर्स ने यह कंटेंट पोस्ट किया है, वे इसे एक दिन के अंदर हटा दें. इसमें “जॉन डो” यानी जिन लोगों की पहचान अभी पता नहीं है, उन्हें भी यह निर्देश लागू होगा.
आदेश सिर्फ भारत में दिख रहे कंटेंट पर लागू
बेंच ने कहा कि अगर पोस्ट डालने वाले लोग खुद कंटेंट नहीं हटाते, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म उसे ब्लॉक कर देंगे. हालांकि कोर्ट ने साफ किया कि यह आदेश फिलहाल सिर्फ भारत में अपलोड और दिख रहे कंटेंट पर ही लागू होगा. अभी पूरी दुनिया में कंटेंट ब्लॉक करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है.
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हरदीप सिंह पुरी की बेटी ने कोर्ट से क्या मांग की थी
हरदीप सिंह पुरी की बेटी ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. उन्होंने कहा है कि सोशल मीडिया पर उन्हें जेफ्री एपस्टीन से जोड़कर झूठी और बदनाम करने वाली बातें फैलाई जा रही हैं. उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि ऐसे सभी पोस्ट हटाए जाएं. साथ ही 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की थी, और कई संस्थाओं पर इस तरह का कंटेंट फैलाने से रोक लगाने की अपील की थी.
