साइबर अपराधियों ने ऐसे 4 महीने में उड़ा लिये 4 करोड़ रुपये, बुर्जुग दंपति हुआ कंगाल

चार महीने में दंपत्ति के बैंक अकाउंट खाली हो गये. इसके बाद जब शिकायतकर्ता ने फोन करने वाले को बताया कि उनके पास कोई पैसा नहीं बचा है, तो उसने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया. जानें साइबर अपराधियों ने कैसे बुर्जुग दंपति को किया कंगाल

यूं तो आपने कई साइबर फ्रॉड की खबरें सुनी होगी लेकिन जो खबर कारोबारी नगरी मुंबई से सामने आ रही है उसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है. दरअसल दक्षिण मुंबई के सत्तर वर्षीय दंपति, जो पहले प्रमुख कॉर्पोरेट घराने में कार्यरत थे, उनको साइबर अपराधियों ने कंगाल कर दिया है. इस दंपति ने साइबर धोखाधड़ी में चार महीने के भीतर 4 करोड़ रुपये से अधिक खो दिए.

मामले को लेकर पत्नी ने कफ परेड पुलिस में शिकायत की है. उसने बताया कि सबसे पहले उसे एक महिला का फोन आया था जिसने दावा किया था कि वह कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की कर्मचारी है. कॉल करने वाले ने उस कंपनी का नाम भी बताया जहां शिकायतकर्ता के पति पहले कार्यरत थे. यही नहीं कॉल करने वाली महिला ने उनका पैन कार्ड नंबर और सेवानिवृत्ति विवरण भी दिया था.

इतनी जानकारी अपने बारे में महिला से सुनकर दंपति को विश्वास हो गया कि कॉल कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से आया है. पुलिस ने कहा कि फोन करने वाले ने शिकायतकर्ता को बताया कि उसके पति की कंपनी ने भविष्य निधि में निवेश के लिए जो रुपये रखे थे, जो 20 साल बाद मैच्योर हो गया है और वह अब 11 करोड़ रुपये प्राप्त करने के हकदार हो चुके हैं.

इसके बाद कॉल करने वाली महिला ने टीडीएस, जीएसटी और आयकर के भुगतान के लिए पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा. एक निजी बैंक में दंपति के खाते खाली होने के बाद मंगलवार को एफआईआर दर्ज की गई. समय के साथ, कॉल करने वाले ने अलग-अलग कारणों से शिकायतकर्ता से और पैसे की मांग की. शिकायतकर्ता कॉल करने वाले द्वारा दिए गए बैंक खातों में पैसे भेजता गया. आरोपी ने 4 करोड़ रुपये प्राप्त करने के लिए एक दर्जन से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल किया.

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एक अधिकारी ने मामले को लेकर कहा कि चार महीने में दंपत्ति के बैंक अकाउंट खाली हो गये. इसके बाद जब शिकायतकर्ता ने फोन करने वाले को बताया कि उनके पास कोई पैसा नहीं बचा है, तो उसने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया. फोन करने वाले ने कहा कि उन्होंने जो राशि चुकाई है, उसे जब्त कर लिया जाएगा और आयकर विभाग उनके घर पर पहुंच जाएगा.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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