Election Commission: पश्चिम बंगाल में निर्वाचन आयोग ने मतगणना के लिए 242 अतिरिक्त पर्यवेक्षकों को तैनात किया

मतगणना के दिन पुलिस पर्यवेक्षक किसी भी परिस्थिति में मतगणना केंद्र में प्रवेश नहीं करेंगे. पुलिस पर्यवेक्षक मतगणना पर्यवेक्षकों और मतगणना प्रक्रिया के लिए तैनात अन्य चुनावी तंत्र के साथ मिलकर काम करेंगे.

Election Commission: पश्चिम बंगाल में चुनावी धांधली के सियासी आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने 4 मई को होने वाली मतगणना केंद्रों के आसपास सुरक्षा को सशक्त बनाने, कानून-व्यवस्था की निगरानी और मतगणना पर्यवेक्षकों की सहायता के लिए 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षक को तैनात करने का फैसला लिया है. चुनाव आयोग का कहना है कि अतिरिक्त पर्यवेक्षकों की तैनाती का मकसद मतगणना सुरक्षित, शांतिपूर्ण और भयमुक्त माहौल में पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित कराना है. यह नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 20 बी के तहत आयोग को मिले अधिकार का प्रयोग करते हुए की गयी है.

इस अवधि के दौरान पर्यवेक्षकों को आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा और वे आयोग के पर्यवेक्षण और नियंत्रण में काम करेंगे. तृणमूल कांग्रेस के हाल में स्ट्रांग रूम में ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप के बाद अतिरिक्त पर्यवेक्षकों की तैनाती अहम मानी जा रही है. हालांकि चुनाव आयोग ने ऐसे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है. अतिरिक्त पर्यवेक्षकों की नियुक्ति 165 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में जहां एक से अधिक मतगणना केंद्र है, वहां मतगणना पर्यवेक्षकों की सहायता के लिए लगाया जाएगा. 

 मतगणना केंद्र में प्रवेश नहीं करेंगे पुलिस पर्यवेक्षक 

पुलिस पर्यवेक्षक अपने-अपने निर्धारित मतगणना केंद्रों के आसपास सुरक्षा और कानून व्यवस्था की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि मतगणना केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था आयोग के निर्देशों के अनुसार हो. हालांकि मतगणना के दिन पुलिस पर्यवेक्षक किसी भी परिस्थिति में मतगणना केंद्र में प्रवेश नहीं करेंगे. पुलिस पर्यवेक्षक मतगणना पर्यवेक्षकों और मतगणना प्रक्रिया के लिए तैनात अन्य चुनावी तंत्र के साथ मिलकर काम करेंगे. इससे पहले मतगणना केंद्र में जाने के लिए आयोग क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र से ही प्रवेश देने को अनिवार्य कर दिया है. आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि मतगणना पर्यवेक्षक और मतगणना अधिकारी के अलावा किसी भी व्यक्ति को मतगणना कक्ष के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी. 

नियंत्रण इकाइयों से हासिल गणना परिणामों वाला प्रपत्र 17 सी-2 गणना पर्यवेक्षकों द्वारा गणना एजेंटों की मौजूदगी में तैयार किया जाएगा और हस्ताक्षर के लिए गणना एजेंटों को भेजा जाएगा. सभी टेबल पर तैनात माइक्रो-ऑब्जर्वर स्वतंत्र तरीके से सीयू डिस्प्ले से परिणाम नोट करेंगे और हर दौर के अंत में क्रॉस-सत्यापन के लिए काउंटिंग ऑब्जर्वर को सौंपेंगे. आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का मकसद मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है ताकि कोई दल अनावश्यक आरोप न लगा सकें. 

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Vinay Tiwari

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >