Election Commission: चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए जारी हुआ 'दिल्ली घोषणा पत्र'

दिल्ली घोषणा पत्र 2026' में पांच प्रमुख चीजों मतदाता सूचियों की शुद्धता, चुनाव प्रक्रिया संचालन, अनुसंधान एवं प्रकाशन, तकनीक का उपयोग और प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण पर सामूहिक तौर पर काम करने को लेकर काम करने की बात कही गयी है. सम्मेलन में शामिल सभी देशों ने इस बाबत समय-समय पर समीक्षा करने का संकल्प लिया और 3-5 दिसंबर 2026 को दिल्ली स्थित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र एवं चुनाव प्रबंधन संस्थान आईआईआईडीईएम) में बैठक आयोजित होगा.

Election Commission:चुनाव आयोग द्वारा आयोजित लोकतंत्र एवं चुनाव प्रबंधन पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (आईआईसीडीईएम)-2026 के समापन पर ‘दिल्ली घोषणा पत्र 2026′ जारी किया गया. इस घोषणा पत्र में  पांच प्रमुख चीजों मतदाता सूचियों की शुद्धता, चुनाव प्रक्रिया संचालन, अनुसंधान एवं प्रकाशन, तकनीक का उपयोग और प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण पर सामूहिक तौर पर काम करने को लेकर काम करने की बात कही गयी है. सम्मेलन में शामिल सभी देशों ने इस बाबत समय-समय पर समीक्षा करने का संकल्प लिया और 3-5 दिसंबर 2026 को दिल्ली स्थित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र एवं चुनाव प्रबंधन संस्थान (आईआईआईडीईएम) में बैठक आयोजित करने पर सहमति जाहिर की. 


इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने ‘दिल्ली घोषणा पत्र 2026’ को पढ़ा, जिसे सभी निर्वाचन आयोगों द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया. निर्वाचन प्रबंधन निकायों ने विश्व के लोकतंत्र पर एक सह-संकलित वैश्विक विश्वकोश के तहत अंतरराष्ट्रीय आईडीईए के नेतृत्व में सात विषयों और आईआईआईडीईएम के नेतृत्व में 36 विषयों पर व्यापक रिपोर्ट प्रकाशित करने पर सहमति जताई. इसके अलावा ईसीआईनेट के समान डिजिटल प्लेटफॉर्म के सह-विकास और चुनाव प्रक्रिया संचालन और मतदाता सूची तैयार करने में व्यावसायिकता को सुदृढ़ करने के लिए आईआईआईडीईएम के जरिये पारदर्शी प्रथाओं के प्रशिक्षण एवं आपसी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी सहमति व्यक्त की. 

चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की पहल 


मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सम्मेलन से आदर्श अंतरराष्ट्रीय चुनावी मानक पर चर्चा को एक नयी दिशा मिली है. इस दौरान 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठक का आयोजन किया गया है और इस बैठक के जरिये आपसी सहयोग के विस्तार के साथ-साथ सामूहिक प्राथमिकताओं एवं दृष्टिकोणों की बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिली. चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने कहा कि खुलापन, आपसी सम्मान और एक-दूसरे से सीखने की तत्परता वैश्विक चुनावी समुदाय की परिपक्वता एवं व्यावसायिकता को दर्शाती है. वहीं चुनाव आयुक्त विवेक जोशी ने कहा कि ईसीआईनेट का शुभारंभ भारतीय तकनीकी प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार रहा है. इस पहल ने चुनाव आयोग द्वारा प्रौद्योगिकी को दिए गए महत्व को उजागर किया है, जिससे इसके सुनियोजित एवं विवेकपूर्ण अपनाने को बल मिला है. 


गौर करने वाली बात है कि यह अपनी तरह का पहला और सबसे बड़ा तीन दिवसीय सम्मेलन था, जिसमें 42 विदेशी दूतावास के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों तथा 27 देशों के मिशन प्रमुखों सहित लगभग एक हजार लोगों ने शिरकत की. निर्वाचन प्रबंधन निकायों के प्रतिनिधियों की पूर्ण बैठक में प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख एवं राजदूतों, उच्चायुक्तों ने लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर उच्च स्तरीय विचारों के आदान-प्रदान के लिए मंच साझा किया. समापन समारोह में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉक्टर सुखबीर सिंह संधू और डॉक्टर विवेक जोशी सहित  42 निर्वाचन प्रबंधन निकायों (ईएमबी) के प्रमुख, 70 से अधिक राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ, निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के 36 मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) भी मौजूद रहें.  

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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