Delhi SIR : 98 साल के लालकृष्ण आडवाणी, उनकी बेटी प्रतिभा और बहू गीतिका को एसआईआर के तहत नोटिस जारी किया गया है. बताया गया है कि साल 2002 की मतदाता सूची से उनके नाम का मिलान नहीं हो पाया. वहीं, आडवाणी के बेटे जयंत ने मिलान की प्रक्रिया पूरी कर ली थी. चारों नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं. मनीष सिसोदिया, उनकी पत्नी सीमा और बेटे मीर को भी नोटिस जारी किए गए हैं. अधिकारियों के अनुसार, हालांकि निर्वाचन आयोग ने सिसोदिया को नोटिस भेजने का कोई कारण नहीं बताया, लेकिन मीर के नोटिस में "उनके माता-पिता के नाम में गड़बड़ी" का उल्लेख है. उनकी पत्नी सीमा के नोटिस में दिया गया कारण "उनके नाम में फर्क" है.
आडवाणी और सिसोदिया के विवरण में गड़बड़ी की पुष्टि करते हुए निर्वाचन आयोग ने कहा, "ऐसे मतदाताओं द्वारा दिए जाने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के सत्यापन की उचित प्रक्रिया के बाद उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे."
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल को भी इसी तरह के नोटिस जारी किए गए हैं. हालांकि, दस्तावेजों की जांच के बाद रेखा गुप्ता की प्रविष्टि को सही मान लिया गया है. उनका नाम शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा. यह सूची 4 नवंबर को जारी होगी.
कांग्रेस का आरोप- शाह के इशारे पर हो रहा वोटर नाम हटाने का खेल
कांग्रेस ने रविवार, 20 सितंबर को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाए. पार्टी ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं. कांग्रेस ने इसे ‘शाह के इशारे पर नाम हटाने की प्रक्रिया’ बताते हुए संविधान पर हमला करार दिया. पार्टी का दावा है कि हटाए गए नामों में आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की संख्या ज्यादा है.
