G20 Summit: मेहमानों को चांदी और सोने के बर्तनों में परोसा जाएगा भोजन, देखें तस्वीरें

दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में 9 और 10 सितंबर को जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा. जिसमें कई देशों के मेहमान शामिल होने दिल्ली पहुंचेंगे. सम्मेलन के दुल्हन की तरह दिल्ली को सजाया गया है.

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विशिष्ट मेहमानों को भारतीय संस्कृति से प्रेरित कलाकृतियों वाले चांदी के बर्तन में भोजन परोसा जाएगा.

जयपुर स्थित धातु की वस्तुओं का निर्माण करने वाली (मेटलवेयर) एक कंपनी ने कहा है कि यहां जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले राष्ट्राध्यक्षों और विश्व के अन्य नेताओं को भारत की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित कलाकृतियों वाले चांदी के विशेष बर्तनों पर भोजन परोसा जाएगा.

‘आइरिस जयपुर’ ने मंगलवार को नयी दिल्ली में अपने कुछ चांदी के बर्तनों का पूर्वावलोकन आयोजित किया और कहा कि उसे विभिन्न आलीशान होटलों ने ऑर्डर पर बने टेबलवेयर और चांदी के बर्तनों की आपूर्ति को कहा है. उसके मुताबिक इनका उपयोग विदेशी मेहमानों द्वारा होटलों में प्रवास के दौरान भव्य रात्रि व दोपहर के भोज के लिए किया जाएगा.

चांदी के बर्तन बनाने वाली कंपनी के लक्ष पाबुवाल ने कहा कि अधिकांश टेबलवेयर में स्टील या पीतल का आधार या चांदी की खूबसूरत कोटिंग के साथ दोनों का मिश्रण होता है, जबकि प्लेट जैसे कुछ बर्तनों पर सोने की कलई चढ़ी होगी. इनमें स्वागत पेय परोसने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले गिलास भी शामिल होंगे.

जी-20 शिखर सम्मेलन के अवसर के लिए 200 कारीगरों ने लगभग 15,000 चांदी के बर्तन बनाए हैं. मेटलवेयर फर्म का संचालन वह और उनके पिता राजीव पाबुवाल करते हैं.

आइरिस जयपुर ने कहा कि इन्हें तैयार करने में 50,000 घंटे लगे, जिस पर जयपुर, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और देश के अन्य हिस्सों के शिल्पकारों ने काम किया है. राजीव पाबुवाल ने कहा कि टेबलवेयर और चांदी के बर्तन के डिजाइन भारत की समृद्ध विरासत और इसकी वैश्विक प्रमुखता का प्रतीक हैं.

आईआरआईएस इंडिया के सीईओ राजीव पाबुवाल ने बताया, हमने यह तैयारी जनवरी 2023 में शुरू की थी. हमने स्थान के अनुसार कटलरी बनाई है. हमने कटलरी को राज्य की संस्कृति के अनुसार शामिल किया है. कुछ कटलरी सिल्वर कोटेड हैं. हमने एक ‘महाराजा थाली’ भी बनाई है. कुछ कटलरी पर भी सोना चढ़ाया गया है.

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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