Defamation Case: केजरीवाल और सीएम आतिशी को SC से बड़ी राहत, कार्यवाही पर रोक, बीजेपी नेता को नोटिस

Defamation Case: आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने इसके साथ बीजेपी नेता और याचिकाकर्ता को नोटिस भेजा है. साथ ही दिल्ली पुलिस को भी इस मामले में नोटिस जारी किया गया है.

Defamation Case: सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश में दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री आतिशी और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आपराधिक मानहानि के मामले की कार्यवाही पर रोक लगा दी है. इन दोनों पर 2018 में राष्ट्रीय राजधानी में मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम कथित तौर पर हटाए जाने के बारे में टिप्पणी करने का आरोप है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और शिकायतकर्ता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता राजीव बब्बर को नोटिस जारी कर मामले में उनसे जवाब मांगा है. न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की पीठ ने इस विषय में नोटिस जारी किया और निचली अदालत में कार्यवाही पर रोक लगा दी.

बब्बर वह व्यक्ति नहीं हैं जिसकी मैंने कथित तौर पर मानहानि की

आतिशी और केजरीवाल की ओर से शीर्ष अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने दलील दी कि मानहानि मामला भाजपा की दिल्ली इकाई के अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में बब्बर द्वारा दायर किया गया है. उन्होंने दलील दी, ना तो (केंद्रीय) भाजपा, ना ही इसकी दिल्ली इकाई ने कोई शिकायत दायर की. बब्बर वह व्यक्ति नहीं हैं जिसकी मैंने कथित तौर पर मानहानि की है. बब्बर की ओर से पेश हुईं वरिष्ठ वकील सोनिया माथुर ने दलील दी कि भाजपा नेता ने पार्टी की ओर से मामला दायर किया है.

आतिशी और केजरीवाल ने हाईकोर्ट के आदेश को दी थी चुनौती

आतिशी और केजरीवाल, दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट के दो सितंबर के आदेश को चुनौती दी है. हाईकोर्ट ने मतदाताओं के नाम कथित तौर पर हटाये जाने संबंधी उनकी टिप्पणियों को लेकर उनके (आतिशी, केजरीवाल) और आम आदमी पार्टी (आप) के अन्य नेताओं के खिलाफ कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया था. हाईकोर्ट ने कहा था कि इन आरोपों से भाजपा की प्रतिष्ठा प्रथम दृष्टया कमतर हुई है. दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि ये आरोप प्रथम दृष्टया, मानहानिकारक हैं जो भाजपा को बदनाम करने और अनुचित राजनीतिक लाभ हासिल करने के इरादे से लगाए गए थे.

हाईकोर्ट ने आतिशी और केजरीवाल की याचिका को कर दिया था खारिज

हाईकोर्ट ने आतिशी, केजरीवाल और आप के दो अन्य नेताओं – पूर्व राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार गुप्ता और पार्टी नेता मनोज कुमार – की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें निचली अदालत में लंबित मानहानि की कार्यवाही को चुनौती दी गई थी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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