Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 7, मलबे से अब तक निकाले गए 12 लोग

दिल्ली के सत्य निकेतन में एक होस्टल की इमारत ढहने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है. रविवार दोपहर मरम्मत के दौरान हुए इस हादसे के बाद से बचाव कार्य जारी है.

Delhi Building Collapse : दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के पास स्थित सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है. पुलिस के मुताबिक, रविवार दोपहर मरम्मत के दौरान यह इमारत अचानक ढह गई थी. हादसे के बाद से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार को तलाशी अभियान के दौरान मलबे से एक और व्यक्ति को बाहर निकाला गया. उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. अब तक मलबे से कुल 12 लोगों को निकाला जा चुका है.

रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन

यह हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ था. जिस इमारत में हादसा हुआ, वहां लड़कों के लिए पेइंग गेस्ट (PG) आवास चल रहा था. इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था, तभी उसका एक हिस्सा अचानक ढह गया और कई लोग मलबे में दब गए.

हादसे के बाद दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की टीमें मौके पर पहुंचीं. बचावकर्मियों ने रातभर मलबा हटाकर लोगों की तलाश की. सोमवार को भी खोज और बचाव अभियान जारी रहा.

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मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का लिया जायजा

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सोमवार को लगातार दूसरे दिन घटनास्थल पर पहुंचीं. उन्होंने मौके पर चल रहे राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों से पूरे ऑपरेशन की जानकारी ली.

हादसे को लेकर पुलिस ने इमारत के मालिक हरि राम और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने से जुड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है.

इमारत मालिक के खिलाफ लुकआउट नोटिस

पुलिस ने इमारत के मालिक हरि राम के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया है. पुलिस अब हादसे की वजह और मरम्मत के दौरान सुरक्षा नियमों के पालन की जांच कर रही है.

फिलहाल प्राथमिकता मलबे में किसी और व्यक्ति के फंसे होने की संभावना को देखते हुए तलाशी अभियान जारी रखना है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इमारत गिरने की मुख्य वजह क्या थी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.

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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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