Cyber Crime: साइबर अपराध से निपटने के लिए केंद्र और राज्य मिलकर कर रहे हैं काम

केंद्र सरकार ने साइबर अपराध से निपटने के लिए व्यापक और समग्र नीति अपनाने के लिए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) का गठन किया है. यह सेंटर देश में हर तरह के साइबर अपराध से निपटने का काम करता है.

Cyber Crime: देश में ऑनलाइन लेनदेन बढ़ने के साथ ही साइबर अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. समय के साथ साइबर अपराधी नये-नये तरीके अपनाकर लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं. वैसे कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है. सभी तरह के अपराध से निपटने की जिम्मेदारी राज्यों की है. साइबर अपराध से निपटने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को वित्तीय और तकनीकी मदद मुहैया कराने का काम करती है. हालांकि केंद्र सरकार ने साइबर अपराध से निपटने के लिए व्यापक और समग्र नीति अपनाने के लिए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) का गठन किया है. यह सेंटर देश में हर तरह के साइबर अपराध से निपटने का काम करता है.

ठगी के 4 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रिकवरी 

एक सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा कि अपराध से जुड़ी शिकायतों के लिए आई4सी ने एक पोर्टल नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल बनाया है. इस पोर्टल पर सभी तरह के साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों खासकर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ शिकायत को दर्ज कराया जा सकता है. पोर्टल पर महिलाओं और बच्चों से जुड़ी शिकायतों के आधार पर पुलिस एफआईआर दर्ज कर जांच को प्राथमिकता देती है. 

केंद्र सरकार ने ऑनलाइन अपराध से जुड़ी शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 बनाया है. इस हेल्पलाइन पर मिली लाखों शिकायतों के कारण आम लोगों की 4386 करोड़ रुपये बचाने में मदद मिली है. सरकार ने साइबर संबंधी मामलों की जांच के लिए आधुनिक फॉरेंसिक लैब बनाया है. 



अपराध रोकने में आधुनिक तकनीक का हो रहा है प्रयोग

साइबर अपराधी समय के साथ अपराध के नये तरीके को अपना रहे हैं. ऐसे में साइबर ठगों से निपटने के लिए सरकार की ओर से आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. ऐसे अपराध से निपटने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अहम योगदान है. साइबर अपराध से जुड़े मामलों में खुफिया जानकारी हासिल करने में एआई की व्यापक स्तर पर मदद लेने की तैयारी है. इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम द्वारा तैयार की गयी रिपोर्ट के अनुसार एआई के उपयोग से साइबर ठगी का मामला हल करना आसान हो गया है. 

एआई के उपयोग से ठगी के मामले को हल करना हुआ आसान

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम लेने वालों का पता लगाने के लिए स्वदेशी ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ तैयार किया गया है. सरकार की ओर से ऐसे अपराध से निपटने के लिए पुलिस को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है. पुलिस अधिकारियों के साइबर अपराध से निपटने के लिए ऑनलाइन कोर्स भी शुरू किया गया है. कई राज्यों में ऐसे अपराध से निपटने के लिए विशेष थाने का गठन किया गया है. सरकार की ओर से साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. सरकार के प्रयासों के कारण डिजिटल अरेस्ट के मामलों में काफी कमी आयी है. साथ ही लोगों के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर पहले से अधिक सजग हुए है. 

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Anjani kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >