Covid 19 : देश में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में , देखें राज्यवार ब्यौरा, कहां कितने मरीज

Covid 19 Status in india : भारत में कोरोना का पहला मरीज 30 जनवरी को मिला था, जो केरल का रहने वाला था. आज की बात करें तो मात्र ढाई महीने में यह आंकड़ा 12 हजार के पार चला गया है और रोज केस में वृद्धि हो रही है. अगर हम राज्यवार आंकड़ों की जानकारी चाहें, तो सबसे ज्यादा मामले जहां सामने आये हैं वह महाराष्ट्र है.

कोरोना के खिलाफ जंग में भारत पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है. अब तक देश में कुल 12380 मामले सामने आये हैं, जिनमें से 10477 एक्टिव केस हैं, 1488 ठीक हो चुके हैं और 414 लोगों की मौत हो चुकी है. भारत में कोरोना का पहला मरीज 30 जनवरी को मिला था, जो केरल का रहने वाला था. आज की बात करें तो मात्र ढाई महीने में यह आंकड़ा 12 हजार के पार चला गया है और रोज केस में वृद्धि हो रही है. अगर हम राज्यवार आंकड़ों की जानकारी चाहें, तो सबसे ज्यादा मामले जहां सामने आये हैं वह महाराष्ट्र है.

अबतक के आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में कुल 2916 मामले हैं. जिनमें से 295 स्वस्थ हुए हैं और 187 की मौत हो चुकी है. दूसरे नंबर पर दिल्ली है जहां मरीजों की संख्या 1578 है. 40 लोग ठीक हो चुके हैं और 32 की मौत हुई है.

कोरोना संक्रमण के मामले में तीसरे स्थान पर तमिलनाडु है, जहां कुल मरीज 1242 है, कुल 118 लोग स्वस्थ हुए हैं और 14 लोगों की मौत हुई है. राजस्थान चौथे नंबर पर हैं कुल 1023 केस हैं, जिनमें से 147 स्वस्थ हुए हैं और तीन की मौत हुई है.

मध्यप्रदेश में भी कोरोना के कई मामले सामने आये हैं. यहां कुल मरीज 987 हैं, जिनमें से 64 स्वस्थ हुए हैं और 53 की मौत हुई है. गुजरात में कुल मामले 766 हैं, जिनमें से 64 स्वस्थ हो चुके हैं और 33 लोगों की मौत हो चुकी है. उत्तर प्रदेश में कुल 735 मरीज हैं, जिनमें से 51 स्वस्थ हुए हैं और 11 की मौत हो चुकी है.

तेलंगाना में कुल 647 मामले हैं , जिनमें से 120 ठीक हो चुके हैं और 18 लोगों की मौत हुई है. आंध्र प्रदेश में कुल 525 मामले सामने आये हैं जिनमें से 20 लोग स्वस्थ हुए हैं औ 14 लोगों की मौत हुई है. अन्य राज्यों में आंकड़ा पांच सौ से नीचे है. बिहार में कुल 72 मामले सामने आये हैं, जिनमें से 29 स्वस्थ हो चुके हैं और एक की मौत हुई है, वहीं झारखंड में अबतक कुल 28 मामले सामने आये हैं और दो लोगों की मौत हुई है.

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Author: Rajneesh Anand

Published by: Prabhat Khabar

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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