Corona Cases in Jharkhand

Covid 19 New Variant: भारत में कोरोना के नए वैरिएंट NB-1.8.1 और LF-7 की एंट्री; कितना है खतरा, क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

Covid 19 New Variant: भारत में कोरोना वायरस के नये वैरिएंट NB-1.8.1 और LF-7 ने दस्तक दे दी है. एनबी – 1.8.1 का एक मामला और एलएफ – 7 के चार मामले सामने आए हैं. यह जानकारी भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इंसाकॉग) के आंकड़े से मिली.

Covid 19 New Variant: भारत में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं. दिल्ली सहित कई राज्यों में नये मामलों में इजाफा हुआ है. देश में कोविड के 257 मामले हैं. जिसमें कोरोना के दो नये वैरिएंट NB-1.8.1 और LF-7 के भी मामले शामिल हैं. दिल्ली में कोविड के 23 नये मामले दर्ज किए गए, आंध्र प्रदेश में पिछले 24 घंटे में चार मामले सामने आए, तेलंगाना में एक मामले की पुष्टि हुई और पिछले 20 दिनों में वृद्धि के बीच बेंगलुरु में 9 महीने का बच्चा जांच में संक्रमित पाया गया. इंसाकॉग के आंकड़े के अनुसार, अप्रैल में तमिलनाडु में एनबी.1.8.1 का एक मामला और मई में गुजरात में एलएफ.7 के चार मामले सामने आए. भारत में, सबसे आम स्वरूप जेएन.1 बना हुआ है. जांच किए गए नमूनों में इसके 53 प्रतिशत मामले शामिल हैं, इसके बाद बीए.2 (26 प्रतिशत) और अन्य ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20 प्रतिशत) हैं.

कोरोना के नये वैरिएंट NB-1.8.1 और LF-7 से कितना खतरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) एलएफ.7 और एनबी.1.8.1 उप स्वरूप को निगरानी में रखे जाने वाले स्वरूप के रूप में वर्गीकृत करता है, न कि चिंताजनक स्वरूप के रूप में. लेकिन ये वे स्वरूप हैं जिनकी वजह से चीन और एशिया के कुछ हिस्सों में कोविड के मामलों में कथित तौर पर वृद्धि हो रही है. दो वैरिएंट को WHO ने कम सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम वाला माना है. लेकिन इसके स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन जैसे ए435एस, वी445एच और टी478आई अन्य स्वरूप की तुलना में अधिक संक्रामकता वाला माना गया है.

कितना डरने की जरूरत?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जब तक अस्पताल में भर्ती या मृत्यु दर में वृद्धि नहीं होती, घबराने की जरूरत नहीं है. भारत में स्थिति नियंत्रण में है. हालांकि बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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