असंक्रमित प्रवासियों के शव लाने के लिये मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप की मांग की

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने खाड़ी देशों में कोविड-19 संक्रमण के अलावा अन्य कारणों से मरने वाले प्रवासी व्यक्तियों के शवों को वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने को कहा है.

तिरुवनंतपुरम : केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने खाड़ी देशों में कोविड-19 संक्रमण के अलावा अन्य कारणों से मरने वाले प्रवासी व्यक्तियों के शवों को वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने को कहा है. प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में उन्होंने मांग की कि मोदी भारतीय दूतावासों को गृह मंत्रालय से व्यक्तिगत अनुमोदन के बिना आवश्यक मंजूरी जारी करने के लिए निर्देशित करें ताकि पार्थिव शरीर जल्दी से जल्दी केरल लाए जा सकें.

मिली जानकारी के अनुसार शव वापस लाने के लिए संबंधित भारतीय दूतावासों से ‘निकासी प्रमाणपत्र’ के लिए आवेदन की प्रक्रिया आवश्यक होती है. उन्होंने पत्र में कहा कि दूतावास केंद्रीय गृह मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने पर जोर दे रहे हैं. पत्र की एक प्रति शुक्रवार को मीडिया को दी गई। केंद्र ने पहले ही मंजूरी दे दी थी कि यदि मौत का कारण कोविड-19 से संक्रमित होना नहीं है तो इस तरह के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होगी.

लॉकडाउन के कारण यात्री विमानों का संचालन अस्थायी रुप से बंद है इसलिए शवों को मालवाहक विमानों में लाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के देशों में प्रवासी केरलवासियों के शवों को घर वापस लाने में देरी होने की कई शिकायतें मिलीं हैं। विजयन ने कहा, ‘‘वे पहले से ही उन देशों में लगाए गए लॉकडाउन और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रुकने के कारण काफी तनाव और चिंता में हैं.”

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By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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