कोरोना वायरस की महामारी के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई की ओर से शुक्रवार को की गयी नयी घोषणाओं का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा, आरबीआई की आज की घोषणाएं से नकदी प्रवाह बढ़ेगा और ऋण आपूर्ति में सुधार होगा. इन कदमों से हमारे छोटे व्यवसायों, एमएसएमई, किसानों और गरीबों को मदद मिलेगी. यह डब्ल्यूएमए की सीमा बढ़ाकर सभी राज्यों की मदद भी करेगा. गौरतलब है कि कोरोनावायरस के दंश से भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से उबर सके, इसके लिए रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कई राहत उपायों की घोषणा की.
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक ओर जहां बैंकों को ज्यादा से ज्यादा रकम अर्थव्यवस्था में लगाने के लिए रिवर्स रेपो रेट घटा दिया तो वहीं माइक्रोफाइनेंस कंपनियों और एनबीएफसी को आसानी से फंड उपलब्ध कराने के लिए टीएलटीआरओ 2.0 की घोषणा की. इसके अलावा ग्रामीण अर्थव्यवस्था और लघु उद्यमियों को असानी से लोन उपलब्ध कराने के लिए भी अलग से रकम उपलब्ध कराने की घोषणा की. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को अचानक बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में स्वीकार किया कि इस समय हम कोरोनावायरस के खिलाफ जो लड़ाई लड रहे हैं, वैसी लड़ाई पहले कभी नहीं लड़ी गई थी. इसलिए अर्थव्यवस्था से जुड़ी वैसी इकाइयों के लिए आसानी से कर्ज की उपलब्धता का बंदोबस्त करना होगा, जिससे कारोबार को बल मिले. उन्होंने टार्गेटेड लॉन्ग टर्म रीपो ऑपरेशन (टीएलटीआरओ) के तहत लिक्विडिटी मैनेजमेंट के लिए 50 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया.
Also Read: कोरोना संकट में भारत की सुस्त अर्थव्यवस्था को RBI ने दिया पावर डोज, पढ़ें 10 बड़ी बातेंआरबीआई गवर्नर दास ने कहा कि महामारी के प्रकोप के दौरान सामान्य कामकाज सुनिश्चित करने के लिए बैंकों, वित्तीय संस्थानों ने विशेष तैयारी की हैं. भारत के लिए आईएमएफ का जीडीपी वृद्धि अनुमान 1.9 प्रतिशत है, जो जी20 देशों में सबसे अधिक है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के 2021-22 में वापसी करने के आसार है. इससे पहले इससे पहले रिजर्व बैंक ने बीते 27 मार्च को अर्थव्यवस्था के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की थी, जिसमें 3.74 लाख करोड़ रुपये का लिक्विडिटी बूस्ट मिला था.
